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MP News: मध्यप्रदेश में किसान कल्याण पर सरकार का जोर: CM डॉ. मोहन यादव ने गिनाईं किसानों के लिए बड़ी योजनाएं

मध्यप्रदेश
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MP News: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा है कि मध्यप्रदेश उनके लिए एक परिवार की तरह है और शपथ लेने के बाद से राज्य प्रधानमंत्री Narendra Modi के मार्गदर्शन में तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य के सभी अन्नदाताओं को नमन करते हुए कहा कि सरकार किसानों की खुशहाली और समृद्धि के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लगातार उनके हित में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में मध्यप्रदेश के संपन्न किसानों का महत्वपूर्ण योगदान होगा और सभी मिलकर राज्य को कृषि क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने स्पष्ट किया कि राज्य का समग्र विकास तभी संभव है जब किसानों की आय में वृद्धि हो। उन्होंने कहा कि सरकार केवल किसानों की आर्थिक सुविधाओं को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके जीवन में खुशहाली और संतोष लाने की दिशा में भी प्रयास कर रही है।

पिछले दो वर्षों में सरकार और किसानों के बीच जो विश्वास बना है, उसे आगे भी मजबूत बनाए रखा जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी रहेगी और उनके हित में ऐतिहासिक फैसले लेती रहेगी।

गेहूं उत्पादन में बड़ा लक्ष्य और खरीदी व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में गेहूं उत्पादन का रिकॉर्ड देखते हुए केंद्र सरकार से खरीदी की सीमा बढ़ाने की मांग की गई है। किसानों की सुरक्षा और आय सुनिश्चित करने के लिए गेहूं उत्पादन का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। यह 22 लाख मीट्रिक टन की बड़ी वृद्धि किसानों की मेहनत का सम्मान है और उनकी आमदनी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया और कहा कि सरकार किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी और स्लॉट बुकिंग की सुविधा

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अब प्रदेश के सभी छोटे और बड़े किसानों के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुकिंग पूरी तरह से खुल चुकी है। गेहूं की खरीदी सप्ताह में छह दिन जारी रहेगी और शनिवार को भी कोई अवकाश नहीं रहेगा।

साथ ही 30 अप्रैल तक चलने वाली स्लॉट बुकिंग की अवधि को 9 मई तक बढ़ा दिया गया है और जरूरत पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी किसान को अपनी फसल बेचने में परेशानी का सामना न करना पड़े।

भूमि अधिग्रहण में किसानों को चार गुना मुआवजा

मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने भूमि अधिग्रहण से जुड़े फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अब किसानों को अपनी जमीन के बदले चार गुना तक मुआवजा मिलेगा। यह निर्णय किसानों के अधिकारों और उनके भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इसके साथ ही सरकार सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, फसल विविधीकरण को बढ़ावा और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रसार पर भी लगातार काम कर रही है, ताकि किसानों को बेहतर उत्पादन और आय मिल सके।

दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने पहली बार दलहन फसल उड़द और तिलहन फसल सरसों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई पहल की है। सरकार ने तय किया है कि उड़द की खरीदी निर्धारित समर्थन मूल्य पर की जाएगी और किसानों को हर क्विंटल पर 600 रुपये का बोनस भी दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह कदम किसानों को नई फसलों की ओर प्रोत्साहित करेगा और उनकी आय में वृद्धि करने में मदद करेगा।

भावांतर योजना और कृषि सुविधाओं में नवाचार

मुख्यमंत्री ने बताया कि सोयाबीन की भावांतर योजना की सफलता के बाद अब सरसों पर भी भावांतर योजना लागू की गई है। इससे बाजार में सरसों के दाम बढ़े हैं और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से भी अधिक कीमत मिलने लगी है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस वर्ष को राज्य में “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाया जा रहा है, ताकि कृषि और किसानों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा सके।

सस्ती बिजली और सोलर पंप की सुविधा

सरकार ने किसानों को सस्ती और आसान बिजली उपलब्ध कराने के लिए नई योजनाएं शुरू की हैं। देश में पहली बार किसानों को केवल पांच रुपये में कृषि पंप कनेक्शन दिया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए रात में बिजली उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है, ताकि दिन के समय बिजली की कमी से फसलों को नुकसान न हो।

इसके अलावा “कृषक मित्र योजना” के तहत किसानों को सोलर सिंचाई पंप 90 प्रतिशत सब्सिडी पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे वे बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बन सकें।

डेयरी क्षेत्र में भी बढ़ रहा उत्पादन

मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि राज्य को “मिल्क कैपिटल” बनाने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार ने दूध उत्पादन और संग्रहण बढ़ाने के लिए कई नई पहल शुरू की हैं।

राज्य में 1,752 नई दुग्ध समितियों का गठन किया गया है और प्रतिदिन 10 लाख किलोग्राम से अधिक दूध का संग्रहण हो रहा है। दूध उत्पादक किसानों को अब तक 1,600 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान किया जा चुका है।

उर्वरक उपलब्धता और वितरण व्यवस्था में सुधार

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष प्रदेश में 5.90 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। इसके साथ ही अन्य उर्वरकों का भी पर्याप्त भंडारण किया गया है।

सरकार उर्वरक वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई तकनीक और नवाचार का उपयोग कर रही है, जिससे किसानों को अब बिना लंबी लाइन में लगे आसानी से खाद मिल सके। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि किसान देश और राज्य की अर्थव्यवस्था का आधार हैं और उनकी समृद्धि ही राज्य के विकास की कुंजी है। सरकार का लक्ष्य है कि किए गए वादों को पूरी ईमानदारी से निभाया जाए और किसानों को हर संभव सुविधा प्रदान की जाए। उन्होंने भरोसा जताया कि जब खेतों से लेकर उद्योगों तक विकास होगा, तब मध्यप्रदेश के किसान भी समृद्ध और खुशहाल बनेंगे और राज्य तेजी से प्रगति की ओर बढ़ेगा।