MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने उज्जैन के आकाशवाणी केंद्र से प्रदेशवासियों को संबोधित किया। यह संबोधन खास अवसर पर दिया गया, जिसमें उन्होंने राज्य के विकास, संस्कृति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से बात रखी। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से जनता से जुड़ना उनके लिए गर्व की बात है और यह प्रदेश के लिए नई दिशा तय करने का समय है।
सिंहस्थ 2028 को भव्य बनाने की तैयारी
CM Mohan Yadav ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार सिंहस्थ 2028 को विश्वस्तरीय आयोजन बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और वैश्विक पहचान का भी बड़ा अवसर होगा।
सरकार इस दिशा में बड़े स्तर पर तैयारी कर रही है ताकि देश-विदेश से आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और मध्य प्रदेश की छवि मजबूत हो।
क्षिप्रा नदी और जल परियोजनाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने क्षिप्रा नदी को साफ और निरंतर प्रवाह बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि नदी को स्वच्छ रखने और रिवर फ्रंट विकसित करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है।
इसके साथ ही केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल जैसी नदी जोड़ो परियोजनाओं के जरिए जल संकट को दूर करने की योजना बनाई जा रही है।
किसान कल्याण और कृषि पर फोकस
CM Mohan Yadav ने वर्ष 2026 को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना और हर खेत तक आधुनिक सिंचाई और मशीनों की सुविधा पहुंचाना है।
उन्होंने किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए उनके विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश अपनी सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए विकास की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने ‘भगोरिया’ जैसे लोक पर्व को राजकीय दर्जा देने का जिक्र किया और कहा कि इससे जनजातीय संस्कृति को नई पहचान मिलेगी।
सरकार का प्रयास है कि संस्कृति और आधुनिकता दोनों साथ-साथ आगे बढ़ें।
निवेश, रोजगार और युवा
CM ने बताया कि राज्य में निवेश बढ़ाने और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्लोबल और स्थानीय इन्वेस्टर्स समिट के जरिए रोजगार के नए अवसर बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में काम कर रही है।
पर्यावरण और पर्यटन पर भी ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पर्यावरण संरक्षण और इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। चीता प्रोजेक्ट और वन्यजीव संरक्षण जैसे कदमों से मध्य प्रदेश को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है।
इसके साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं।
विकास में जनभागीदारी का महत्व
अपने संबोधन के अंत में CM Mohan Yadav ने कहा कि प्रदेश का विकास केवल सरकार का काम नहीं, बल्कि जनता की भागीदारी से ही संभव है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे विकास की इस यात्रा में साथ दें, ताकि मध्य प्रदेश को एक समृद्ध और मजबूत राज्य बनाया जा सके।
