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MP News: ओंकारेश्वर में 5 दिवसीय ‘एकात्म पर्व’ का शुभारंभ: सीएम मोहन यादव ने वैदिक अनुष्ठानों में लिया हिस्सा

मध्यप्रदेश
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MP News: मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल Omkareshwar में 5 दिवसीय ‘एकात्म पर्व 2026’ का भव्य शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन Mohan Yadav ने किया और वैदिक अनुष्ठानों में भाग लेकर देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।

यह पर्व आदि गुरु Adi Shankaracharya की शिक्षाओं और अद्वैत वेदांत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

वैदिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की और संत-महात्माओं का सम्मान किया। उन्होंने इस आयोजन को भारत की आध्यात्मिक विरासत को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

इस दौरान:

  • वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठान किए गए
  • संतों और विद्वानों ने आध्यात्मिक विचार साझा किए
  • सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया

सरकार का कहना है कि यह आयोजन आध्यात्मिकता, संस्कृति और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।

युवाओं को जोड़ेगा ‘एकात्म पर्व’, 700 से अधिक युवा लेंगे शपथ

इस 5 दिवसीय कार्यक्रम की एक खास विशेषता यह है कि इसमें देश-विदेश के 700 से ज्यादा युवा ‘शंकरदूत’ बनने की शपथ लेंगे।

इस पहल का उद्देश्य:

  • युवाओं को भारतीय संस्कृति और दर्शन से जोड़ना
  • समाज में एकता और शांति का संदेश फैलाना
  • नई पीढ़ी को आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना

कार्यक्रम के दौरान अद्वैत दर्शन को आधुनिक विषयों जैसे Artificial Intelligence (AI), पर्यावरण संरक्षण और वैश्विक शांति से जोड़कर चर्चा की जाएगी।

‘एकात्म धाम’ को वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र बनाने की तैयारी

मध्य प्रदेश सरकार ओंकारेश्वर में एकात्म धाम को एक बड़े आध्यात्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर रही है।

मुख्य योजनाएं:

  • ‘Advaita Lok’ संग्रहालय का निर्माण
  • 108 फीट ऊंची Statue of Oneness प्रमुख आकर्षण
  • धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा

इन परियोजनाओं से क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

ओंकारेश्वर में शुरू हुआ ‘एकात्म पर्व 2026’ केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है। इस आयोजन के जरिए सरकार का लक्ष्य भारत की प्राचीन परंपराओं को आधुनिक समय से जोड़ना और युवाओं को अपनी संस्कृति से जोड़ना है।