Jharkhand: सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।
Jharkhand News: झारखंड में चिकित्सा शिक्षा को सशक्त और सुव्यवस्थित करने की दिशा में सीएम हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने एक ऐतिहासिक पहल की है। राज्य में स्थापित होने जा रही झारखंड मेडिकल यूनिवर्सिटी (Jharkhand Medical University) के कुलाधिपति स्वयं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन होंगे। यह पहली बार है जब राज्य सरकार विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति करेगी, जिससे चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था में राज्य की सीधी और प्रभावी भूमिका सुनिश्चित होगी। पढ़िए पूरी खबर…

राज्य सरकार को मिला कुलपति नियुक्ति का अधिकार
झारखंड स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 के तहत मुख्यमंत्री को कुलाधिपति बनाया गया है। कुलाधिपति के रूप में मुख्यमंत्री सर्च कमेटी द्वारा प्रस्तुत पैनल से कुलपति की नियुक्ति करेंगे। लेकिन, विश्वविद्यालय के गठन के पहले चरण में कुलपति की नियुक्ति सीधे राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। यह निर्णय पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
राज्य गठन के बाद पहली बार मेडिकल यूनिवर्सिटी
राज्य गठन के वर्षों बाद अब जाकर झारखंड को अपनी मेडिकल यूनिवर्सिटी मिलने जा रही है। सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में यह कमी दूर की जा रही है। विश्वविद्यालय का अस्थायी संचालन रांची के ब्राम्बे स्थित पंचायती राज संस्थान से किया जाएगा। पूर्व में यहां केंद्रीय विश्वविद्यालय संचालित हो चुका है, जिससे यह परिसर मेडिकल यूनिवर्सिटी के लिए भी उपयुक्त माना जा रहा है।
गवर्नर की स्वीकृति, अधिनियम लागू
गवर्नर संतोष कुमार गंगवार (Governor Santosh Kumar Gangwar) ने 11 अप्रैल को झारखंड स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 को स्वीकृति दी थी। अधिनियम अधिसूचित हो चुका है और इसके साथ ही विश्वविद्यालय के गठन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

अनुभवी शिक्षाविद या प्रतिष्ठित चिकित्सक बनेंगे कुलपति
विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति की जाएगी, जिन्हें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान शिक्षा का गहरा अनुभव हो। यह पद तीन वर्षों के लिए होगा। योग्य शिक्षाविद, प्रतिष्ठित चिकित्सक या स्वास्थ्य विज्ञान की अकादमिक पृष्ठभूमि के साथ मानव संसाधन विकास का अनुभव रखने वाले व्यक्ति इस पद के लिए पात्र होंगे।
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मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान को मिलेगा बढ़ावा
इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करना, विभिन्न चिकित्सा शाखाओं में शिक्षण और अनुसंधान को प्रोत्साहित करना तथा आधुनिक चिकित्सा, आयुर्वेद, स्पीच थेरेपी और स्वास्थ्य अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में शिक्षा के मानकों में एकरूपता लाना है। राज्य के सभी सरकारी और स्व-वित्तपोषित मेडिकल कॉलेज इस विश्वविद्यालय से संबद्ध होंगे।
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स्थायी भवन के लिए कांके की जमीन चिन्हित
विश्वविद्यालय के स्थायी भवन के लिए जमीन चिन्हित करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। स्थलीय निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने कांके स्थित रिनपास की जमीन को उपयुक्त बताया। मंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय राज्य गठन के साथ ही स्थापित हो जाना चाहिए था, लेकिन अब सीएम हेमंत सोरेन के प्रयासों से यह सपना साकार हो रहा है।
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स्थानीय लोगों का मिला समर्थन
स्थलीय निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्थानीय लोगों से बातचीत की। स्थानीय लोगों ने विश्वविद्यालय की स्थापना का स्वागत करते हुए कहा कि परिसर का वीरान रहना अच्छा नहीं लगता। पूर्व में केंद्रीय विश्वविद्यालय के संचालन के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई थी, इसलिए मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना से भी क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बनेगा।
