Jharkhand News: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में “दिशोम गुरु शिबू सोरेन आवासीय विद्यालय” के निर्माण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इस स्कूल को झारखंड जगुआर परिसर में बनाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य बच्चों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
निर्माण कार्य जल्द शुरू करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर इस परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि स्कूल के निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुकी है और जमीन की पहचान की प्रक्रिया चल रही है। सीएम ने निर्देश दिए कि जमीन आवंटन की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाए और जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू किया जाए।
किसके लिए होगा यह स्कूल
यह आवासीय स्कूल खास तौर पर शहीद पुलिसकर्मियों, सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों के बच्चों के लिए बनाया जाएगा। यहां कक्षा 1 से 12 तक की पढ़ाई की व्यवस्था होगी और इन बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे इन परिवारों के बच्चों को अच्छी शिक्षा का अवसर मिलेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर
स्कूल में स्मार्ट क्लासरूम, लाइब्रेरी, आईसीटी लैब, खेल के मैदान और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा कक्षा 6 से ऊपर के छात्रों के लिए हॉस्टल की भी व्यवस्था होगी, जिसमें लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग आवास होंगे। इससे बच्चों को बेहतर माहौल में पढ़ाई करने का मौका मिलेगा।
शिक्षा की गुणवत्ता पर रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूल की गुणवत्ता किसी मॉडल स्कूल से कम नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को उच्च स्तर की शिक्षा देने के साथ-साथ बेहतर संसाधन और सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएं। सरकार का लक्ष्य है कि यह स्कूल राज्य में शिक्षा का एक उदाहरण बने।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी ध्यान
बैठक में रांची के होटवार क्षेत्र में पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए अस्पताल बनाने पर भी चर्चा हुई। इस अस्पताल में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध होंगे। इससे सुरक्षा बलों के परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
समाज कल्याण योजनाओं की भी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने इस दौरान विभिन्न सामाजिक योजनाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं की निगरानी सही तरीके से हो और एक डिजिटल डाटाबेस तैयार किया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। इससे योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सकेगा।
