Jharkhand News: धनबाद के डिप्टी मेयर और झामुमो नेता ने सीएम से की मुलाकात, जल संकट पर उठाई आवाज

झारखंड
Spread the love

Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची में बुधवार को धनबाद के डिप्टी मेयर Arun Chouhan और Jharkhand Mukti Morcha (झामुमो) के नगर उपाध्यक्ष Harendra Chouhan ने मुख्यमंत्री Hemant Soren तथा विधायक Kalpana Soren से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने पुष्प गुच्छा भेंट कर मुख्यमंत्री और विधायक का स्वागत किया और धनबाद शहर से जुड़ी प्रमुख समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की।

जल संकट बना प्रमुख मुद्दा, गर्मी में पेयजल की कमी से बढ़ी परेशानी

बैठक के दौरान धनबाद में भीषण गर्मी के कारण उत्पन्न जल संकट का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। डिप्टी मेयर Arun Chouhan ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि गर्मी के दिनों में शहर के कई क्षेत्रों में पेयजल की कमी से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और आवश्यक कदम उठाने की मांग की, ताकि नागरिकों को नियमित और पर्याप्त पानी मिल सके।

मुख्यमंत्री Hemant Soren ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि सरकार धनबाद की जलापूर्ति व्यवस्था को सुधारने और नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।

विकास कार्यों में तेजी लाने और आधारभूत सुविधाएं सुधारने पर भी जोर

इस मुलाकात में केवल जल संकट ही नहीं, बल्कि धनबाद में चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाने और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने शहर के समग्र विकास के लिए सड़कों, जल आपूर्ति, स्वच्छता और अन्य आवश्यक सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने बताया कि यह मुलाकात सकारात्मक माहौल में हुई, जिसमें मुख्यमंत्री ने शहर की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया।

धनबाद की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश

गौरतलब है कि Harendra Chouhan और Arun Chouhan दोनों भाई हैं और हाल ही में अरुण चौहान धनबाद नगर निगम के डिप्टी मेयर चुने गए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, दोनों नेता अब धनबाद की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री Hemant Soren से हुई यह शिष्टाचार मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें धनबाद की वास्तविक समस्याओं—खासतौर पर जल संकट और विकास कार्यों—पर गंभीर चर्चा हुई। यदि इन मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई होती है, तो इससे शहर के नागरिकों को राहत मिल सकती है और विकास कार्यों को नई गति मिल सकती है।