JEE Main: ओडिशा के भुवनेश्वर से आए जुड़वा भाई महरूफ अहमद खान और मसरूर अहमद खान ने JEE Main 2026 की सेशन-1 परीक्षा में 300 में से एक-समान 285 अंक हासिल किए हैं। यह बेहद दुर्लभ उपलब्धि है, क्योंकि दोनों भाइयों ने समान अंक पाने के लिए एक जैसा अध्ययन शेड्यूल और रणनीति अपनाई।
दोनों भाइयों ने अपनी JEE तैयारी के लिए पिछले पाँच वर्षों से लगातार मेहनत की है और कोटा में शीर्ष कोचिंग के साथ तैयारी की है। उनके इस प्रदर्शन ने देशभर के प्रतियोगी छात्रों को प्रोत्साहित किया है।
एक साथ पढ़ाई और एक जैसा लक्ष्य
महरूफ और मसरूर दोनों भाई एक ही स्कूल में पढ़े और पढ़ाई के दौरान एक-साथ ही डाउट क्लियरिंग, टाइम-टेबल और स्टडी प्लान फॉलो करते रहे। उनका मानना है कि एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ने उनकी तैयारी को बेहतर बनाया। Mahroof ने बताया कि दोनों भाइयों के बीच हमेशा हेल्दी कॉम्पिटिशन रहा, जिससे एक-समान अंक प्राप्त हुए।
पढ़ाई के अलावा ओलंपियाड अनुभव भी काम आया
भाई न सिर्फ JEE में बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड प्रतियोगिताओं में भी सक्रिय रहे हैं, जहाँ उन्होंने लगभग 30 गोल्ड मेडल जीते हैं। यह अनुभव उनके बुनियादी कौशल और आत्मविश्वास को और मज़बूत बनाता रहा।
बड़े लक्ष्य – IIT से बीटेक और बाद में IAS
JEE Main में शानदार प्रदर्शन के बाद दोनों भाइयों की नज़र अगली चुनौती JEE Advanced पर है, जो उन्हें IIT में प्रवेश दिलाएगा। Mahroof का विशेष लक्ष्य IIT Bombay में बीटेक (कंप्यूटर साइंस) करना है।
इससे भी आगे उनका लक्ष्य IAS अधिकारी बनना है — यानी इंजीनियरिंग के बाद सिविल सेवा की तैयारी कर देश की सेवा करना।
माता-पिता का बड़ा योगदान
इन भाइयों की इस सफलता के पीछे उनकी मां डॉ. जीनत बेगम का बड़ा योगदान रहा है। जब दोनों ने इंजीनियरिंग की तैयारी शुरू की, तो माँ ने सरकारी नौकरी तक छोड़ दी और बच्चों के साथ ओडिशा से कोटा तक शिफ्ट होकर उनकी पढ़ाई और खान-पान का पूरा ख्याल रखा।
प्रेरणादायक कहानी
इस कहानी से पता चलता है कि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत संतुलित तरीके से की जाए तो बड़े लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। दोनों भाइयों ने साथ-साथ पढ़कर न केवल अंक बराबर किए, बल्कि आगे बढ़कर IIT और IAS जैसे बड़े सपने भी देखें।
