Haryana News: हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस कार्यक्रम में संघ के सरसंघचालक Mohan Bhagwat सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं।
इस बैठक को संघ की शीर्ष निर्णय लेने वाली बैठक माना जाता है, जिसमें संगठन के कार्यों की समीक्षा और आने वाले समय की योजनाओं पर चर्चा की जाती है। इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini के भी शामिल होने की खबर है।
13 से 15 मार्च तक चलेगी बैठक
समालखा के पट्टी कल्याणा गांव में स्थित ग्राम विकास एवं सेवा साधना केंद्र में यह बैठक 13 से 15 मार्च तक आयोजित की जा रही है।
यह RSS की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (ABPS) की बैठक है, जिसे संगठन की सबसे महत्वपूर्ण वार्षिक बैठक माना जाता है। इसमें देशभर से बड़ी संख्या में प्रतिनिधि और पदाधिकारी भाग लेते हैं।
देशभर से पहुंचे हजारों कार्यकर्ता
बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 1400 से अधिक कार्यकर्ता और प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।
इनमें संगठन के कई वरिष्ठ नेता, राष्ट्रीय पदाधिकारी और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। बैठक के दौरान संगठन के पिछले एक वर्ष के कार्यों की समीक्षा की जाएगी और आने वाले समय के लिए नई रणनीति तैयार की जाएगी।
संगठन की योजनाओं और अभियानों पर चर्चा
इस बैठक में RSS के कई बड़े कार्यक्रमों और अभियानों पर चर्चा होने की संभावना है।
खास तौर पर संगठन के सामाजिक कार्यक्रमों, प्रशिक्षण शिविरों, जनसंपर्क अभियान और समाज में जागरूकता से जुड़े प्रयासों पर मंथन किया जाएगा। साथ ही अगले वर्ष के लिए संगठन की कार्ययोजना भी तय की जाएगी।
संघ के शताब्दी वर्ष पर विशेष चर्चा
बताया जा रहा है कि इस बार की बैठक इसलिए भी खास है क्योंकि RSS अपने स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने की तैयारी कर रहा है।
इस अवसर पर संघ द्वारा आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों और अभियानों पर भी चर्चा की जाएगी। इसमें समाजिक समरसता, युवा सम्मेलन और जनसंपर्क कार्यक्रम जैसे कई विषय शामिल हो सकते हैं।
हरियाणा में बढ़ी राजनीतिक हलचल
समालखा में हो रही इस बैठक के कारण हरियाणा की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है।
इस तरह के बड़े कार्यक्रमों में कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहते हैं। ऐसे में इस बैठक को केवल संगठनात्मक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण चर्चा का मंच भी माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक में लिए गए फैसले आने वाले समय में संगठन की गतिविधियों और सामाजिक अभियानों की दिशा तय कर सकते हैं।
