Haryana News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचत और संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील के बाद अब कई राज्यों में इसका असर दिखाई देने लगा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपने काफिले को छोटा कर दिया है। मुख्यमंत्री की इस पहल को सादगी, जिम्मेदारी और ऊर्जा संरक्षण के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ईंधन की बचत करना समय की जरूरत है। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे पेट्रोल और डीजल का उपयोग केवल आवश्यकता अनुसार करें और अनावश्यक यात्राओं से बचें।
काफिले में वाहनों की संख्या की गई कम
मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद उनके काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या घटा दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ ईंधन की बचत होगी, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से भी इस तरह की पहल अपनाने की अपील की है।
हरियाणा सरकार का कहना है कि छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं। अगर सरकारी स्तर पर ईंधन की बचत की शुरुआत होती है तो आम लोग भी इससे प्रेरणा लेंगे।
देशभर में चल रहा ऊर्जा बचत अभियान
देश में बढ़ती वैश्विक चुनौतियों और तेल की कीमतों के दबाव के बीच केंद्र सरकार लगातार ईंधन बचाने पर जोर दे रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में देशवासियों से बिजली और पेट्रोल-डीजल की बचत करने की अपील की थी। इसके बाद कई राज्यों में मंत्री, अधिकारी और जनप्रतिनिधि साइकिल, इलेक्ट्रिक वाहन और कम वाहनों के उपयोग जैसे कदम उठा रहे हैं।
हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सैनी का काफिला कम करना भी इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक मजबूती का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण सुरक्षा और देशहित से भी जुड़ा हुआ है।
जनता से भी सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा कि ईंधन की बचत केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर लोग छोटी दूरी के लिए पैदल चलने, साइकिल या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें तो इससे देश को बड़ा फायदा होगा।
सरकार का मानना है कि इस तरह की पहल से न सिर्फ पेट्रोल-डीजल की खपत कम होगी, बल्कि प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री की इस पहल को लोगों के बीच सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
