Haryana News: हरियाणा में 4 डॉक्टरों के निलंबन पर डॉक्टर संगठन नाराज, सरकार से फैसले पर पुनर्विचार की मांग

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Haryana News: हरियाणा में लिंगानुपात से जुड़े मामले को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। राज्य सरकार द्वारा चार डॉक्टरों को निलंबित किए जाने के बाद अब इस फैसले का विरोध शुरू हो गया है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (HCMSA) ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।

डॉक्टरों के संगठन का कहना है कि बिना पूरी जांच और तथ्यों को सामने लाए इस तरह की कार्रवाई से चिकित्सा समुदाय में चिंता का माहौल बन रहा है। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि डॉक्टरों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर दोबारा विचार किया जाए और सभी तथ्यों की निष्पक्ष तरीके से जांच कराई जाए।

लिंगानुपात को लेकर सरकार लगातार सख्त

हरियाणा लंबे समय से घटते लिंगानुपात की चुनौती से जूझता रहा है। राज्य सरकार लगातार बेटियों के संरक्षण और भ्रूण लिंग जांच पर रोक लगाने के लिए अभियान चला रही है। इसी दिशा में प्रशासन द्वारा कई जिलों में कार्रवाई भी की जा रही है।

हाल के दिनों में सरकार ने लिंग जांच और उससे जुड़े अवैध मामलों पर सख्ती बढ़ाई है। इसी क्रम में चार डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया। हालांकि डॉक्टर संगठन का कहना है कि कार्रवाई से पहले पर्याप्त जांच और प्रक्रिया का पालन जरूरी है।

डॉक्टर संगठन ने उठाए कई सवाल

HCMSA ने मुख्यमंत्री को भेजे गए पत्र में कहा कि डॉक्टर समाज हमेशा कानून का पालन करता है और समाज सेवा में अपनी भूमिका निभाता है। संगठन का कहना है कि अगर किसी मामले में शिकायत है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन सीधे निलंबन जैसी कार्रवाई से डॉक्टरों का मनोबल प्रभावित होता है।

संगठन ने यह भी कहा कि डॉक्टर पहले ही भारी काम के दबाव में काम कर रहे हैं और ऐसे मामलों में जल्दबाजी में कार्रवाई से स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। एसोसिएशन ने सरकार से संवाद के जरिए समाधान निकालने की बात कही है।

सरकार और डॉक्टरों के बीच बढ़ी चर्चा

इस पूरे मामले के बाद स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टर संगठनों के बीच चर्चा तेज हो गई है। सरकार जहां लिंगानुपात सुधारने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने को प्राथमिकता बता रही है, वहीं डॉक्टर संगठन पारदर्शी जांच और उचित प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बैठकों तथा चर्चाओं का दौर चल सकता है।