Haryana News: चंडीगढ़/हरियाणा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राज्य में एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) बनाने की घोषणा की है, जिसके लिए बजट में ₹35.5 करोड़ मंजूर किए गए हैं। यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को और ज़्यादा सशक्त और तत्पर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड क्यों?
सीएम सैनी ने कहा कि पिछले समय में कुछ सतर्कता वाली घटनाओं, जैसे कि फरीदाबाद में विश्वविद्यालय से जुड़े आतंकवादी गिरोह की गिरफ्तारी, ने सुरक्षा प्रणालियों को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता को उजागर किया है। ATS का गठन इसी संदर्भ में किया गया है ताकि राज्य में आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों का जल्द पता लगा कर कार्रवाई की जा सके.
ATS को इंस्पेक्टर जनरल रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में तैयार किया जाएगा। इसमें महिलाओं के लिए कमांडो नियुक्ति की व्यवस्था भी शामिल होगी। पहली ATS पुलिस स्टेशन गुरुग्राम में और दूसरी पंचकूला में स्थापित की जायेगी।
एसपी, जांच और खुफिया निगरानी में बदलाव
पहले राज्य में सिस्टम द्वारा आतंकी गतिविधियों पर निगरानी मुख्य रूप से CID के तहत किया जाता था। नई ATS अब ऑपरेशन, जांच और खुफिया जानकारी का संग्रह भी खुद ही सम्भालेगी, जिससे तत्कालीन प्रतिक्रिया की क्षमता बढ़ेगी।
पुलिस कर्मियों के लिए नए निर्णय
सीएम सैनी ने कहा कि अगले तीन साल में 5,000 बॉडी-कैमरा पुलिस कर्मियों को दिए जाएंगे, ताकि सड़क पर ड्यूटी के दौरान उनके सभी कामों का रिकॉर्डेड डाटा सुरक्षित रहे। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगे।
जो पुलिस अधिकारी हिम्मती और कर्तव्यनिष्ठ तरीके से अपराधियों का सामना करेंगे, उन्हें समय से पहले पदोन्नति दी जाएगी, जबकि ग़लत व्यवहार या लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
पुलिस भर्ती और अन्य सुरक्षा उपाय
हरियाणा पुलिस में 20% आरक्षण अग्निवीरों के लिए रखा गया है। अगले साल 1,300 अग्निवीरों की भी भर्ती की जाएगी, ताकि बल और भी सुदृढ़ बने।
एनसीआर क्षेत्र में सुरक्षा को और मज़बूत करने के लिए तीन नए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन सोनीपत, गोहाना और बहादुरगढ़ में स्थापित किए जाएंगे ताकि ऑनलाइन अपराधों का सामना भी बेहतर ढंग से किया जा सके।
जेल सुधार और तकनीकी अपग्रेडेशन
सीएम ने नए डिस्टिक जेलों के निर्माण की भी घोषणा की, जो फतेहाबाद, चारखी दादरी और पंचकूला में होंगे। साथ ही रोहतक में एक हाई-सिक्योरिटी जेल भी स्थापित किया जाएगा, जिसमें तकनीकी उपकरण होंगे ताकि कैदियों का बाहरी संपर्क रोका जा सके। बॉडी-कैमरा के द्वारा जेल वॉर्डन के कर्तव्यों पर भी नजर रखी जाएगी।
जेलों में पेट्रोल पंपों का संचालन भी शुरू किया जाएगा, जिससे अतिरिक्त राजस्व कमाया जा सकेगा और विभाग की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
घर का बजट और होम विभाग का विस्तार
सीएम सैनी ने हॉम विभाग के 2026-27 के बजट को ₹8,475 करोड़ मंजूर किया है, जो पिछले वर्ष के अनुमान से करीब 7.21 % अधिक है। इससे सुरक्षा, जांच और पुलिस बल को और बेहतर साधनों से लैस करने में मदद मिलेगी।
