Greater Noida west

Greater Noida west: ग्रेटर नोएडा वेस्ट के इस स्कूल पर इनकम टैक्स विभाग की रेड, 700 बच्चों के भविष्य पर संकट

ग्रेटर नोएडा- वेस्ट
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Greater Noida west: उत्तर प्रदेश में आयकर विभाग ने ग्रेटर नोएडा स्थित दि विजडम ट्री स्कूल की लगभग ₹125 करोड़ कीमत वाली इमारत को बेनामी संपत्ति घोषित कर दिया है। यह कार्रवाई बेनामी संपत्ति के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, जिससे स्कूल में पढ़ रहे लगभग 700 छात्रों के भविष्य पर चिंता की लहर दौड़ गई है।

बेनामी संपत्ति का मामला

आयकर विभाग ने छापेमारी के दौरान पाया कि इस स्कूल भवन में अरबों रुपये का निवेश तीन फर्जी कंपनियों के माध्यम से किया गया, जिसे बेनामी तरीके से प्रदर्शित किया गया था। इस इमारत का मूल्यांकन लगभग ₹125 करोड़ किया गया है और यह 15,000 वर्ग मीटर में फैला चार मंजिला भवन है, जिसे होटल जैसी सुविधाओं के साथ बनाया गया था। जांच में यह भी पता चला कि बिल्डर सतनाम ने इन फर्जी कंपनियों के नेटवर्क का इस्तेमाल करके नकदी निवेश को कर्ज के रूप में दिखाया, जिससे नकद निवेश की अनियमितताएँ सामने आईं।

छात्रों और अभिभावकों में चिंता

बेनामी कार्रवाई के बाद स्कूल के लगभग 700 छात्रों के अभिभावकों में चिंता का माहौल बन गया है। वे डर रहे हैं कि यदि स्कूल बंद हो गया तो बच्चों को कहाँ दूसरी जगह दाखिला मिलेगा, और क्या वहाँ जैसी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी या नहीं। अभिभावकों का कहना है कि कई परिवारों ने लंबा इंतजार कर इस स्कूल में दाखिला कराया था और अब उनका निवेश और बच्चों की पढ़ाई खतरे में पड़ सकती है।

प्रशासन और भविष्य की कार्रवाई

प्रशासन अब फर्जी कंपनियों तथा निवेश के नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रहा है। विभाग ने 27 मार्च को नोटिस जारी कर यह इमारत बेनामी घोषित की थी और आगे संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी की जाएगी। प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बताया कि सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्यवाही तय की जाएगी और छात्रों को आसपास के अन्य स्कूलों में स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है।

यह मामला शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता, वित्तीय नियमों और संपत्ति कानूनों के महत्व को दर्शाता है। यह स्पष्ट करता है कि निवेश और संपत्ति प्रबंधन में कानूनी प्रक्रियाओं का पालन न करने वाले स्कूल या बिल्डर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इससे अन्य शिक्षा संस्थानों और बिल्डरों के लिए भी सख्त संदेश जाता है कि नियमों का पालन करना अनिवार्य है।