Greater Noida Water Supply: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत के बाद अब ग्रेटर नोएडा से भी चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 सेक्टर में गंदा पानी पीने से कई लोग बीमार हो गए हैं। बीमार लोगों को उल्टी, पेट दर्द और दस्त की शिकायत हुई है। सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
50 से ज्यादा घरों में पहुंचा सीवर का पानी
डेल्टा-1 सेक्टर में करीब 50 से अधिक घरों में सीवर का गंदा पानी सप्लाई हो रहा था। स्थानीय लोग इसी पानी का इस्तेमाल रोजमर्रा के कामों और पीने के लिए कर रहे थे। इस वजह से सेक्टर में 25 से ज्यादा लोग बीमार हो गए।
घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर खुदाई कर जांच शुरू की।
मेडिकल कैंप लगाकर किया गया इलाज
स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रभावित इलाके में मेडिकल कैंप लगाया गया। डॉक्टरों ने बीमार लोगों की जांच की और मुफ्त दवाइयां दी गईं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डाढ़ा और दनकौर की टीम ने लोगों का इलाज किया।
कैसे घरों तक पहुंचा सीवर का पानी?
सेक्टर की आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रमोद भाटी ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि सेक्टर की सीवर लाइन खराब थी। प्राधिकरण ने इसे ड्रेन लाइन से जोड़ दिया था। ड्रेन लाइन बिना प्लास्टर की होने के कारण सीवर का गंदा पानी जल विभाग की पुरानी और लीकेज वाली पाइपलाइन से होकर घरों तक पहुंच गया।
अस्थायी समाधान, स्थायी हल की मांग
प्राधिकरण की टीम ने फिलहाल मिट्टी भरकर सीवर के पानी को पाइपलाइन की ओर जाने से रोक दिया है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सिर्फ अस्थायी समाधान है। अब तक कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं आया है। लोगों ने स्थायी समाधान की मांग की है।
गंगाजल न मिलने से बढ़ी परेशानी
एक्टिव सिटीजन टीम के सदस्य हरेन्द्र भाटी ने बताया कि ग्रेटर नोएडा में पिछले 6-7 महीनों से गंगाजल की सप्लाई बंद है। गंगाजल लाइन में लगातार लीकेज होने की वजह से किसी भी सेक्टर में सही तरीके से पानी नहीं मिल रहा है।
इसके कारण लोगों को मजबूरी में ग्राउंड वॉटर पीना पड़ रहा है, जबकि ग्रेटर नोएडा में पानी का स्तर पहले ही काफी नीचे जा चुका है।
घटिया पाइपलाइन पर उठे सवाल
गंगाजल परियोजना का उद्घाटन 2022 में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था, लेकिन कुछ ही महीनों तक पानी आया। इसके बाद पाइपलाइन बार-बार फटने लगी। लोगों का आरोप है कि घटिया क्वालिटी के पाइप डाले गए हैं, जिससे गंदा पानी मिलने का खतरा बना रहता है। इसको लेकर शहरवासियों में भारी नाराजगी है।
जल विभाग का दावा: पानी साफ है
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जल विभाग का कहना है कि जांच में अधिकतर घरों में पानी साफ पाया गया। सिर्फ एक घर में सप्लाई कनेक्शन की समस्या और एक जगह पाइप लीकेज मिली थी, जिसे तुरंत ठीक कर दिया गया है।
जल विभाग का दावा है कि सीवर के पानी के मिलने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। फिर भी पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
पानी की जांच के निर्देश, हेल्पलाइन नंबर जारी
एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में सभी जगह पानी की रैंडम जांच कराई जाएगी। बिल्डर और सोसाइटी प्रबंधन को भी जलाशयों की सफाई और पानी की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दूषित पानी की शिकायत के लिए जल विभाग ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
- वरिष्ठ प्रबंधक जल: 9205691408
- प्रबंधक जल: 8937024017
लोगों से अपील की गई है कि दूषित जलापूर्ति की जानकारी तुरंत जल विभाग को दें।
