Greater Noida: बिसलेरी पानी से जुड़ी बड़ी और हैरान कर देने वाली खबर पढ़िए
Greater Noida: जब भी हम कहीं बाहर होते हैं या किसी यात्रा में होते हैं तो बाजार से ब्रांडेड बोतलबंद पानी (Branded Bottled Water) खरीदते हैं। लेकिन क्या आपको बता है कि यह ब्रांडेड पानी भी नकली हो सकता है? उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) से कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। जहां खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रेटर नोएडा के कासना इंडस्ट्रियल एरिया (Kasna Industrial Area) में नकली पानी बनाने वाले 2 अवैध प्लांट्स का खुलासा किया है। यहां बिना लाइसेंस के नकली पानी को ब्रांडेड बोतलों में पैक कर दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में सप्लाई किया जा रहा था।

ये भी पढ़ेंः Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो की ख़ास पहल, प्लेटफार्म पर खड़े यात्री को कम भीड़ वाली कोच का पता चल जाएगा
खाद्य सुरक्षा विभाग (Food Safety Department) की टीम ने कासना के साइट-5 इलाके में दो जगहों पर छापेमारी की। पहला प्लांट ग्रेटर नोएडा में गुप्ता इंटरप्राइजेज, K-300, साइट-5 में पकड़ा गया, जहां बिना लाइसेंस के बिलसेरी नाम से 1 लीटर की बोतलों में पानी की पैकिंग की जा रही थी। मौके से 6252 बोतलें जब्त की गईं और प्लांट को सील भी कर दिया है। वहीं दूसरा प्लांट पैरामेट्रो वॉसर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड, A-2/88, साइट-5 में था, वहां ब्लेसरी नाम से पानी की पैकिंग हो रही थी। यहां से 6856 बोतलें बरामद की गईं जिन्हें सीज कर लिया गया।
13000 से अधिक बोतलें जब्त
खाद्य सुरक्षा विभाग की इस छापेमारी में दोनों प्लांट्स से 13,108 बोतलें बरामद हुईं हैं जिनमें से 13,076 बोतलों को सील किया गया है। इन बोतलों को बिलसेरी (Bilseri) और ब्लेसरी जैसे नामों से पैकिंग किया गया था, जो असली ब्रांड्स से मिलते-जुलते हैं। माना जा रहा है कि इसका उद्देश्य लोगों को भ्रमित कर नकली पानी को असली ब्रांड के नाम पर बेचना था। यह नकली पानी दिल्ली-एनसीआर की दुकानों में सप्लाई किया जा रहा था।
ये भी पढ़ेंः Greater Noida West: आधे घंटे तक फंसी रही इस अस्पताल की लिफ्ट, 15 से ज़्यादा लोगों की सांसें अटकी
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई
सहायक आयुक्त (खाद्य) सर्वेश कुमार के मुताबिक सूचना मिलने पर टीम ने कासना इंडस्ट्रियल एरिया के साइट-5 में छापेमारी की। पहले प्लांट पर कोई वैध कागजात नहीं मिले, जिसके बाद 6252 बोतलों को सीज कर प्लांट को बंद किया गया है। इसी प्रकार दूसरे प्लांट पर भी अवैध गतिविधियां पाई गईं और वहां से 6840 बोतलें जब्त कर ली गई है। दोनों प्लांट्स को सील कर दिया गया और पानी के नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं। सर्वेश कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया दोनों प्लांट अवैध रूप से संचालित हो रहे थे, और जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
