Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली को भारत की स्टार्टअप राजधानी बनाने के लिए सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार जल्द ही एक नई स्टार्टअप नीति (Startup Policy) लाने वाली है, जिससे खासकर युवा उद्यमियों को मजबूती मिलेगी।
राजधानी में “कैंपस टू मार्केट – दिल्ली स्टार्टअप युवा फेस्टिवल 2026” का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-उद्यमियों, शिक्षकों, निवेशकों और स्टार्टअप संस्थापकों ने भाग लिया। यहां मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आज के युवा सिर्फ नौकरी ढूंढने वाले नहीं बल्कि ‘नौकरी देने वाले’ बन सकते हैं।
क्या है ‘स्टार्टअप युवा फेस्टिवल’?
दिल्ली सरकार ने 2026 में स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए स्टार्टअप युवा फेस्टिवल आयोजित किया। इस कार्यक्रम में 11 विश्वविद्यालय, 12 कॉलेज और 19 तकनीकी संस्थान शामिल हुए हैं, जहाँ छात्र-नेता अपने उद्यमिता विचार और इनोवेशन प्रदर्शित कर रहे हैं।
कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे 470 से अधिक स्टार्टअप्स आज इनक्यूबेशन में काम कर रहे हैं और करीब ₹500-600 करोड़ का राजस्व पैदा कर चुके हैं। इसके अलावा, उच्च-स्तरीय स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
टोर्नामेंट स्टाइल में आयोजित कार्यक्रम के अंतर्गत शीर्ष 6 स्टार्टअप्स को ₹10 लाख की इक्विटी-फ्री ग्रांट और शीर्ष 100 स्टार्टअप्स को ₹1 लाख की आर्थिक मदद दी जा रही है।
नई दिल्ली स्टार्टअप नीति का लक्ष्य
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार जल्द ही दिल्ली स्टार्टअप नीति जारी करने जा रही है। इस नीति के तहत अगले पांच वर्षों में ₹325 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। इसका उद्देश्य दिल्ली में 5,000 नए स्टार्टअप्स का गठन करना है और उन्हें इनक्यूबेशन, फंडिंग, मार्केट एक्सेस और उद्योग से जोड़ना शामिल है।
यह नीति उन सभी पहलुओं को कवर करेगी, जो एक सकारात्मक स्टार्टअप माहौल के लिए जरूरी हैं – जैसे
✔ मेंटरशिप
✔ seed funding
✔ उद्योग और बाजार से लिंक
✔ व्यवसाय को बढ़ावा देना आदि।
युवा शक्ति, कौशल और रोजगार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विशेष रूप से कहा है कि आज का युवा साधारण नौकरी खोजने वाला नहीं है; वे स्वयं रोजगार सृजनकर्ता हैं। यदि उन्हें सही अवसर, ज्ञान और संसाधन मिले, तो वे नए और बड़े उद्योगों के संस्थापक बन सकते हैं।
सरकार ने स्कूल से लेकर कॉलेज तक स्टार्टअप्स को समर्थन देने के लिए विशेष योजनाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं। इससे कैंपस-टू-मार्केट (Campus to Market) मॉडल लागू हो रहा है, जहाँ छात्रों को विचार से व्यावसायिक सफलता तक ले जाने में मदद मिलती है।
आर्थिक अवसर और भविष्य की तैयारी
दिल्ली सरकार का लक्ष्य सिर्फ स्टार्टअप का नाम देना नहीं है, बल्कि इसे व्यवसाय में सफल, पारदर्शी और आत्म-निर्भर बनाने का है। इसके तहत
🔹 फंडिंग और मेंटोरशिप देना,
🔹 स्टार्टअप को बाजार से जोड़ना,
🔹 और रोजगार के अवसर बढ़ाना शामिल है।
दिल्ली को नया आर्थिक और तकनीकी हब बनाकर युवाओं को राष्ट्रीय और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा रहा है। इससे दिल्ली की रोजगार संभावनाओं में वृद्धि, व्यापारिक इनोवेशन, और आधुनिक तकनीकी विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
दिल्ली की नई पहचान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की यह पहल न केवल दिल्ली को स्टार्टअप राजधानी बनने की दिशा में ले जाएगी, बल्कि यह युवा शक्ति को आत्मविश्वास, कौशल और अवसर भी देगी। इस नीति से स्टार्टअप दुनिया में दिल्ली का नाम एक सशक्त और प्रेरणादायक केंद्र के रूप में उभर सकता है।
