Delhi News: दिल्ली सरकार ने शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को जनसुनवाई के दौरान एक शिकायत मिली थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि चाकू लगने से घायल एक युवक के इलाज से पहले अस्पताल ने पैसे मांगे और समय पर इलाज न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को तत्काल जांच के निर्देश दिए।
जांच में सामने आई कई अनियमितताएं
मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, दमकल विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान इमरजेंसी विभाग के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई। सरकार के अनुसार फुटेज से यह सामने आया कि घायल युवक खुद चलकर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचा था, जिससे यह संभावना जताई गई कि समय पर इलाज मिलने पर उसकी जान बचाई जा सकती थी।
भवन नियमों और सुरक्षा व्यवस्था में भी मिली खामियां
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन, बिना अनुमति निर्माण, फायर सेफ्टी व्यवस्था में कमी, बेसमेंट के गलत उपयोग और चिकित्सा प्रक्रियाओं के मानकों का पालन नहीं करने जैसी कई कथित अनियमितताएं भी सामने आईं। दिल्ली सरकार अब विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल ने जांच में सहयोग का दिया भरोसा
फोर्टिस अस्पताल ने बयान जारी कर कहा कि वह इस पूरे मामले में अधिकारियों का पूरा सहयोग करेगा। अस्पताल ने कहा कि औपचारिक रिपोर्ट मिलने के बाद वह सभी तथ्यों की समीक्षा करेगा। साथ ही अस्पताल ने दोहराया कि मरीजों की सुरक्षा, बेहतर इलाज और नियमानुसार सेवाएं देना उसकी पहली प्राथमिकता है।
सरकार ने दिया सख्त संदेश
दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि राजधानी के सभी अस्पतालों की जिम्मेदारी है कि वे हर मरीज को समय पर और सम्मानजनक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएं। यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि मरीजों के अधिकारों और स्वास्थ्य सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
