Delhi की सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व में राज्य सरकार एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाने जा रही है।
Delhi News: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) के नेतृत्व में राज्य सरकार एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम उठाने जा रही है। करीब 17 साल बाद दिल्ली में कृषि भूमि के सर्किल रेट (Circle Rate) में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है। इस फैसले से दिल्ली के ग्रामीण इलाकों (Rural Areas) में रहने वाले हजारों जमीन मालिकों (Landowners) को सीधा फायदा मिलने वाला है और कई इलाकों में जमीन की सरकारी कीमत 53 लाख रुपये प्रति एकड़ से बढ़कर 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच सकती है।

किसानों और ग्रामीण दिल्ली के लिए बड़ी राहत
रेखा सरकार (Rekha Sarkar) का यह कदम खास तौर पर ग्रामीण दिल्ली के किसानों और जमीन मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी माना जा रहा है। प्रस्ताव के मुताबिक, यदि ड्राफ्ट को मंजूरी मिलती है तो जमीन की सरकारी दरों में लगभग आठ गुना तक की बढ़ोतरी होगी। इससे न सिर्फ जमीन की कागजी कीमत बढ़ेगी, बल्कि बिक्री, लीज, मुआवजे और विकास परियोजनाओं में किसानों को कहीं बेहतर लाभ मिलेगा।
2008 के बाद पहली बार होगा बड़ा संशोधन
जानकारी के अनुसार, दिल्ली में कृषि भूमि के सर्किल रेट आखिरी बार वर्ष 2008 में तय किए गए थे। तब से अब तक दिल्ली में तेजी से शहरीकरण हुआ है। गांवों के आसपास कॉलोनियां, सड़कें, मेट्रो और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ीं, लेकिन सर्किल रेट जस के तस बने रहे। फिलहाल पूरी दिल्ली में कृषि भूमि का सर्किल रेट एक समान, लगभग 53 लाख रुपये प्रति एकड़ है, जबकि बाजार में यही जमीन कई करोड़ रुपये में बिक रही है।
राजस्व बढ़ाने और पारदर्शिता की दिशा में कदम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सर्किल रेट और बाजार भाव के बीच भारी अंतर के कारण सरकार को स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन में बड़ा नुकसान हो रहा था। सीएम रेखा गुप्ता के निर्देश पर इस अंतर को खत्म करने और राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सर्किल रेट में व्यापक बदलाव का ड्राफ्ट तैयार किया गया है।
अब लोकेशन के हिसाब से तय होंगे सर्किल रेट
रेखा सरकार (Rekha Sarkar) की योजना के तहत अब पूरे दिल्ली में एक समान सर्किल रेट रखने के बजाय लोकेशन आधारित दरें तय की जाएंगी। शहर, हाइवे, मेट्रो, औद्योगिक क्षेत्र या विकसित रिहायशी इलाकों के पास स्थित कृषि भूमि का सर्किल रेट अधिक होगा, जबकि कम विकसित इलाकों में अपेक्षाकृत कम बढ़ोतरी की जा सकती है। प्रस्ताव के अनुसार कुछ क्षेत्रों में यह दर 5 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक जा सकती है।
इन गांवों पर दिखेगा सीधा असर
राजस्व विभाग के आकलन के मुताबिक, दिल्ली के 200 से अधिक गांवों में लगभग 50 हजार एकड़ कृषि भूमि दर्ज है। उत्तर दिल्ली, पश्चिम दिल्ली और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के टिगीपुर, खामपुर, हमीदपुर, झंगोला, बांकेर, भोरगढ़, लामपुर, बख्तावरपुर, दरियापुर कलां, नजफगढ़, बिजवासन और दिचाऊं कलां जैसे गांवों में सर्किल रेट बढ़ने का सीधा लाभ जमीन मालिकों को मिलेगा।
किसानों से संवाद कर लिया गया फैसला
सीएम रेखा गुप्ता सरकार ने यह प्रस्ताव लाने से पहले किसानों और कृषि संगठनों से व्यापक बातचीत की। बीते दो महीनों में हुई बैठकों में किसानों ने साफ कहा कि जमीन की सरकारी कीमत बाजार के मुकाबले बेहद कम है। किसान संगठनों ने 6 से 8 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक सर्किल रेट तय करने का सुझाव भी दिया। सरकार ने हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों के सर्किल रेट का अध्ययन कर संतुलित निर्णय लेने की कोशिश की है।
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प्रॉपर्टी सिस्टम सुधार की ओर बड़ा कदम
यह फैसला केवल किसानों को फायदा पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली की पूरी प्रॉपर्टी वैल्यूएशन व्यवस्था को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अक्टूबर 2025 में गठित कमेटी को रिहायशी, व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों के सर्किल रेट की समीक्षा का जिम्मा दिया गया है। कृषि भूमि के लिए अलग से काम इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इसमें 17 साल से कोई संशोधन नहीं हुआ था।
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भविष्य में नियमित बढ़ोतरी की भी योजना
ड्राफ्ट में यह भी प्रस्ताव है कि आगे चलकर कृषि भूमि के सर्किल रेट को नियमित अंतराल पर संशोधित किया जाए, ताकि दोबारा बाजार भाव और सरकारी दरों में इतना बड़ा अंतर न बने। लेकिन अभी लागू करने की तारीख तय नहीं की गई है, लेकिन संकेत साफ हैं कि मंजूरी मिलते ही दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में जमीन की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल देखने को मिलेगा।
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अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई में दिल्ली के हजारों जमीन मालिक कागजों पर ही करोड़पति बन सकते हैं और दिल्ली सरकार को भी राजस्व के रूप में बड़ा फायदा मिलेगा।
