Chhattisgarh News: रायपुर में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आम लोगों की समस्याएं सीधे सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान कराया। उन्होंने यह साफ किया कि सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद ही अच्छे शासन की पहचान है।
1950 आवेदन, कई समस्याओं का तुरंत समाधान
मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में हुए जनदर्शन में कुल 1950 आवेदन मिले। दूर-दराज के इलाकों से आए लोगों की बात मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुनी और अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। कई जरूरतमंदों को मौके पर ही आर्थिक सहायता भी दी गई।
यह भी पढ़े: Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री के निर्देश पर लकवाग्रस्त महिला को मिली त्वरित आर्थिक सहायता
दिव्यांगजनों को मिली नई उम्मीद
जनदर्शन में कई दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण दिए गए। रायपुर के जीवन दास मानिकपुरी और आरंग के भारत साहू को बैटरी से चलने वाली ट्राइसिकल दी गई। चंदू यादव और सुमन साहू को ट्राइसिकल और व्हीलचेयर मिली। वहीं, सागर नायक और उमेश पटेल को सुनने की मशीन दी गई, जिससे वे फिर से सुन सकेंगे।
लकवा पीड़ित महिला को 5 लाख की मदद
महासमुंद जिले की बसंती साव, जो लकवे से पीड़ित हैं, उन्हें इलाज के लिए मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना के तहत 5 लाख रुपये की मदद दी गई। इससे पहले भी उन्हें 75 हजार रुपये की सहायता मिल चुकी है। इस फैसले से परिवार को बड़ी राहत मिली।
60 वर्षीय श्रमिक को मिलेगा राशन कार्ड
रायपुर के तात्यापारा निवासी 60 वर्षीय हनुमंत राव, जो अविवाहित श्रमिक हैं, उन्हें राशन कार्ड से जुड़ी समस्या थी। मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को निर्देश देकर उनका राशन कार्ड बनवाने को कहा, जिससे अब वे सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकेंगे
दिव्यांग युवाओं को तात्कालिक आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने 17 वर्षीय दिव्यांग राज शर्मा को 20 हजार रुपये की सहायता दी। इसके अलावा फूल गिरी गोस्वामी को बेटी की शादी के लिए और रायगढ़ के ओमप्रकाश निषाद को पढ़ाई के लिए भी 20-20 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई।
यह भी पढ़े: Chhattisgarh News: राशन कार्ड के अभाव में योजनाओं से वंचित श्रमिक को जनदर्शन में मिला न्याय
मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनदर्शन केवल आवेदन लेने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह सरकार की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर आवेदन पर जल्दी और मानवीय तरीके से कार्रवाई हो।
