Chhattisgarh News: नक्सल हिंसा से लंबे समय तक प्रभावित रहे Sukma जिले में अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने जिला मुख्यालय स्थित पुनर्वास केंद्र का दौरा कर वहां चल रही पुनर्वास और कौशल विकास गतिविधियों का निरीक्षण किया।
उन्होंने पुनर्वासित लोगों से सीधे बातचीत कर उनके अनुभव सुने और उन्हें मुख्यधारा से जुड़कर नया जीवन शुरू करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

सरकार का लक्ष्य: सम्मानजनक जीवन और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने कहा कि सरकार भटके हुए लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सम्मानजनक जीवन, रोजगार और आगे बढ़ने के समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि पुनर्वासित लोगों के आत्मविश्वास से यह साबित होता है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर हर व्यक्ति अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है।

2392 लोगों ने छोड़ा हिंसा का रास्ता
राज्य सरकार की नक्सल पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, खासकर Bastar क्षेत्र में।
- अब तक 2392 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया
- इनमें से 361 लोगों ने पुनर्वास के बाद नया जीवन शुरू किया
- सरकार का लक्ष्य केवल पुनर्वास नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार और सम्मानजनक जीवन देना है
पुनर्वास केंद्र में कई तरह के कौशल प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जैसे:
- राजमिस्त्री (मेसन)
- कपड़ा सिलाई
- कृषि उद्यमिता
- वाहन चालक प्रशिक्षण
307 लोगों को प्रशिक्षण, युवाओं को मिल रहा स्टाइपेंड
वर्ष 2026 में अब तक:
- 307 लोगों को कौशल विकास प्रशिक्षण दिया गया
- 313 युवाओं को हर महीने 10,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जा रहा है
- 107 पुनर्वासित लोगों को मोबाइल फोन वितरित किए गए
इन सुविधाओं से लोग डिजिटल और आधुनिक जीवनशैली से जुड़ रहे हैं। खास बात यह है कि 115 महिलाएं भी प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
अनुकंपा नियुक्ति से परिवारों को मिला सहारा
नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के आश्रितों को राहत देने के लिए सरकार ने रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए हैं।
- पुलिस विभाग में 20 लोगों को नौकरी मिली
- जिला प्रशासन द्वारा 95 लोगों को सरकारी सेवा में नियुक्त किया गया
- शिक्षा विभाग में 10 नए शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिए गए
कार्यक्रम के दौरान कई लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा आई।

मोबाइल, आवास की चाबी और किट का वितरण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने पुनर्वासित लोगों को कई जरूरी सुविधाएं प्रदान कीं, जिनमें शामिल हैं:
- मोबाइल फोन
- राजमिस्त्री किट
- Pradhan Mantri Awas Yojana के तहत घर की चाबी
- पूर्णता प्रमाण पत्र
इस अवसर पर 25 लाभार्थियों को नए घर की चाबी देकर सम्मानित किया गया।
‘पुनर्वास से विकास तक’ कॉफी टेबल बुक का विमोचन

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ‘बदलते सुकमा की बदलती तस्वीर: पुनर्वास से विकास तक’ नामक कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया।
यह पुस्तक नक्सल पुनर्वास की सफलता और बदलाव की प्रेरणादायक कहानियों को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने पुनर्वास केंद्र के कला कार्यक्रम की भी सराहना की और कहा कि यह बदलाव केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक परिवर्तन का प्रतीक है।
