Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है सूर्य घर योजना

छत्तीसगढ़
Spread the love

Chhattisgarh News: रायपुर, 1 जून 2026। छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के दौरान एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो बताती है कि सरकारी योजनाएं जब सही लोगों तक पहुंचती हैं तो वे केवल सुविधा नहीं देतीं, बल्कि पूरे परिवार की जिंदगी बदल देती हैं। कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थी आनंद कुमार पवार के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की और योजना से आए बदलावों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने परिवार से बातचीत के दौरान जाना कि कैसे सोलर सिस्टम लगने के बाद उनके जीवन में आर्थिक राहत आई है और वे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल बिजली का बिल कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने का एक बड़ा अभियान है।

बिजली बिल से मिली पूरी राहत

आनंद कुमार पवार ने मुख्यमंत्री को बताया कि पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल 1200 से 1500 रुपये तक आता था। सीमित आय वाले परिवार के लिए यह खर्च हर महीने एक बड़ी चिंता का कारण बनता था। घरेलू जरूरतों और बच्चों की पढ़ाई के बीच बिजली बिल का भुगतान करना आसान नहीं था।

उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत उनके घर में सोलर सिस्टम लगाया गया। इसके बाद से बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया है। अब परिवार को हर महीने बिजली खर्च की चिंता नहीं रहती और बचने वाली राशि का उपयोग अन्य आवश्यक कार्यों में किया जा रहा है।

उपभोक्ता से बिजली उत्पादक बना परिवार

आनंद कुमार पवार ने कहा कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपयोग करता था, लेकिन अब वे खुद बिजली उत्पादन भी कर रहे हैं। यह बदलाव उनके लिए गर्व का विषय है। सोलर सिस्टम ने न केवल आर्थिक बचत बढ़ाई है, बल्कि परिवार में आत्मनिर्भरता का भाव भी मजबूत किया है।

उन्होंने बताया कि हर महीने होने वाली बचत अब बच्चों की पढ़ाई, घरेलू जरूरतों और भविष्य की योजनाओं पर खर्च की जा रही है। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में भी सुधार आया है और भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ा है।

सरल प्रक्रिया से मिला योजना का लाभ

आनंद कुमार पवार ने बताया कि योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया काफी आसान रही। आवेदन करने के लगभग एक महीने के भीतर उन्हें सब्सिडी की राशि मिल गई। इसके अलावा बैंक से भी सरल प्रक्रिया के तहत ऋण उपलब्ध कराया गया, जिससे सोलर सिस्टम लगाने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि शेष राशि का भुगतान आसान मासिक किश्तों में किया जा रहा है। इससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ा और वे आसानी से योजना का लाभ उठा सके। यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है।

बस्तर संभाग का पहला ऐसा पीएम आवास

आनंद कुमार पवार का घर बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास बन गया है, जहां प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत सोलर सिस्टम स्थापित किया गया है। यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।

यह घर अब केवल रहने की जगह नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण विकास, स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और सरकारी योजनाओं के सफल समन्वय का मॉडल बनकर सामने आया है। एक ही परिवार को आवास और सौर ऊर्जा दोनों सुविधाओं का लाभ मिलने से जीवन की गुणवत्ता में बड़ा सुधार आया है।

मुख्यमंत्री ने बताई योजना की अहमियत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से परिवारों को आर्थिक राहत मिल रही है और साथ ही स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिल रहा है। इससे पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिल रही है और लोगों की ऊर्जा जरूरतें भी पूरी हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री के अनुसार, आनंद कुमार पवार की कहानी इस बात का प्रमाण है कि जब योजनाएं संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ जमीन पर लागू होती हैं, तो वे लोगों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाने का काम करती हैं।

सरकारी योजनाओं से बढ़ी नई उम्मीद

आनंद कुमार पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को केवल बिजली बिल से राहत नहीं दी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी दिया है। अब उनका परिवार स्वच्छ ऊर्जा के साथ एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य की ओर आगे बढ़ रहा है। यह कहानी दिखाती है कि सही योजना और सही क्रियान्वयन से ग्रामीण भारत में विकास की नई तस्वीर बनाई जा सकती है।