Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित Indian Institute of Information Technology (IIIT) में डिजिटल उत्पादकता और AI एकीकरण विषय पर एक दिवसीय चरणबद्ध प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की डिजिटल दक्षता बढ़ाना और प्रशासनिक कार्यों में तकनीक आधारित कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना था।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग के 100 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में सरकारी कार्यों को तेज, आसान और अधिक प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI टूल्स के उपयोग की जानकारी दी गई।

प्रशासनिक कार्यों में AI के उपयोग पर हुआ विस्तार से चर्चा
प्रशिक्षण के दौरान IIIT के डायरेक्टर Dr. O.P. Vyas ने कई तकनीकी और व्यावहारिक सत्रों का संचालन किया। उन्होंने जनरेटिव AI के उपयोग, उसकी संभावनाओं और सीमाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि AI कोई इंसानी बुद्धिमत्ता का विकल्प नहीं बल्कि सहयोगी उपकरण है, जिसका सही तरीके से उपयोग करके सरकारी कार्यों को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में दस्तावेज तैयार करने, सूचना को संक्षेप में प्रस्तुत करने और निर्णय प्रक्रिया को तेज बनाने में AI की भूमिका पर विशेष चर्चा की गई।
हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण बना कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे खास बात इंटरैक्टिव और हैंड्स-ऑन सत्र रहे। इन सत्रों में अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेषज्ञों की निगरानी में AI टूल्स का व्यावहारिक उपयोग सिखाया गया।
प्रतिभागियों को प्रशासनिक कार्यों में AI के वास्तविक उपयोग के उदाहरण दिखाए गए और यह समझाया गया कि डिजिटल तकनीक किस तरह रोजमर्रा के सरकारी कामकाज को बेहतर बना सकती है। इस व्यावहारिक प्रशिक्षण से अधिकारियों में नई तकनीक सीखने और उसे अपनाने का आत्मविश्वास भी बढ़ा।

जिम्मेदारी के साथ AI उपयोग पर दिया गया जोर
कार्यक्रम में AI के जिम्मेदार और विवेकपूर्ण उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को बताया गया कि AI एक शक्तिशाली तकनीक जरूर है, लेकिन यह पूरी तरह त्रुटिहीन नहीं है। इसलिए AI का उपयोग करते समय मानव निगरानी, समझदारी और जिम्मेदारी बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों ने कहा कि किसी भी तकनीक का सही उपयोग तभी संभव है जब उसके साथ मानवीय सोच और निर्णय क्षमता भी जुड़ी हो। इसी कारण प्रतिभागियों को AI के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के बारे में भी जागरूक किया गया।
विशेषज्ञों और प्रशिक्षकों की रही अहम भूमिका
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में IIIT के डीन K.G. Srinivas और प्रशिक्षक आकांक्षा शर्मा, प्रेमा पटेल, गौरव शर्मा, डॉ. शैलेंद्र मिश्रा और उपेंद्र अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि सरकारी कर्मचारियों को नई तकनीकों के उपयोग के लिए तैयार किया जा सके और शासन व्यवस्था को अधिक आधुनिक तथा प्रभावी बनाया जा सके।
