Chhattisgarh News: गणतंत्र दिवस से पहले कर्तव्य पथ पर आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल में छत्तीसगढ़ की झांकी ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। झांकी की आकर्षक और जीवंत प्रस्तुति ने दर्शकों को राज्य की समृद्ध जनजातीय संस्कृति से रूबरू कराया।
जनजातीय डिजिटल संग्रहालय पर आधारित झांकी
इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की थीम पर आधारित है। इसमें जनजातीय समाज के जीवन, परंपराओं और संस्कृति को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ा गया है, जिससे यह झांकी और भी खास बन गई है।
आदिवासी जीवनशैली की जीवंत झलक
झांकी में जनजातीय समाज की जीवनशैली, पारंपरिक कला, लोकनृत्य, वेशभूषा और ऐतिहासिक विरासत को सुंदर ढंग से दर्शाया गया है। रंग-बिरंगे परिधान और लोकनृत्य जनजातीय संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश करते हैं।
परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम
छत्तीसगढ़ की झांकी यह संदेश देती है कि परंपरा और आधुनिक तकनीक साथ-साथ आगे बढ़ सकती हैं। जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की अवधारणा आदिवासी विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
