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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत, 36 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी जीवनरक्षक खुराक

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हो गई है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर जिले के लखनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर बच्चे का स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को हर पोलियो अभियान में जीवनरक्षक खुराक अवश्य पिलाएं।

हर बच्चे तक पहुंचे पोलियो की दो बूंद

मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत ने वर्षों के प्रयास और जनभागीदारी से पोलियो पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है। अब इस उपलब्धि को बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि “दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत बरकरार” केवल एक नारा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ रखने का राष्ट्रीय संकल्प है।

उन्होंने अभिभावकों से अपने परिवार और आसपास के सभी 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने की अपील की।

बूथ तक नहीं पहुंचने वाले बच्चों के घर जाएगी टीम

मंत्री ने कहा कि यदि कोई बच्चा पोलियो बूथ तक नहीं पहुंच पाता है, तो अभिभावक स्वास्थ्य विभाग की घर-घर जाने वाली टीम को इसकी जानकारी दें, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।

स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना

उन्होंने अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, मितानिनों और स्वयंसेवी संगठनों की भूमिका की सराहना की।

मंत्री ने विश्वास जताया कि जनभागीदारी और जागरूकता के बल पर छत्तीसगढ़ भविष्य में भी अपनी पोलियोमुक्त पहचान बनाए रखेगा।

36 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, 28 से 30 जून 2026 तक चलने वाले इस अभियान के दौरान प्रदेश के करीब 35.99 लाख (लगभग 36 लाख) बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

इसके लिए पूरे राज्य में 14,396 पोलियो बूथ बनाए गए हैं।

57 हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी तैनात

अभियान को सफल बनाने के लिए—

  • 28,791 टीमें गठित की गई हैं।
  • 57 हजार से अधिक स्वास्थ्यकर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं।

28 जून को बूथों पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई जाएगी, जबकि 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को दवा देंगी जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच सके।

दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष फोकस

स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी 33 जिलों में अभियान की तैयारी पूरी कर ली है।

विशेष रूप से—

  • दूरस्थ वनांचल क्षेत्र
  • शहरी मलिन बस्तियां
  • ईंट-भट्ठे
  • निर्माण स्थलों पर रहने वाले श्रमिक परिवार
  • प्रवासी और घुमंतू समुदाय

के बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।

देशभर में 17 करोड़ बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य

राष्ट्रव्यापी पल्स पोलियो अभियान के तहत इस बार पूरे देश में लगभग 17 करोड़ बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि बच्चे को हाल ही में कोई अन्य टीका लगाया गया हो या उसे हल्की सर्दी, खांसी या सामान्य बुखार हो, तब भी पोलियो की खुराक पूरी तरह सुरक्षित है और अवश्य दी जानी चाहिए।

पोलियोमुक्त भारत बनाए रखने की अपील

स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने आसपास किसी भी बच्चे को पोलियो की दो बूंद से वंचित न रहने दें। विभाग का कहना है कि स्वस्थ बचपन ही सुरक्षित भविष्य और सशक्त राष्ट्र की सबसे मजबूत नींव है।