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Chhattisgarh News: राज्य में खाद की कोई कमी नहीं, किसानों को समय पर मिलेगा पूरा आवंटन: कृषि मंत्री रामविचार नेताम

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा है कि राज्य में खाद की कोई कमी नहीं है और पंजीकृत रकबे के अनुसार सभी किसानों को समय पर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2026 के लिए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का लक्ष्य आवंटित किया है।

गोदामों में पर्याप्त स्टॉक, अभी 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध

मंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य के गोदामों और सहकारी समितियों में लगभग 7.48 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है। इसमें यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी और एसएसपी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि सभी किसानों को पारदर्शिता के साथ समय पर खाद का वितरण किया जाए, ताकि कृषि कार्यों में कोई बाधा न आए।

कालाबाजारी और जमाखोरी पर होगी सख्त कार्रवाई

कृषि मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए जिला स्तर पर उड़नदस्ता दल और निगरानी समितियां बनाई गई हैं।

उन्होंने कहा कि दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसानों को उचित दर पर खाद मिल सके।

वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देने पर जोर

पश्चिम एशिया में तनाव के कारण आयातित उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए सरकार वैकल्पिक उपायों पर भी काम कर रही है।

किसानों को एनपीके, जैविक खाद, हरी खाद और नैनो यूरिया जैसे विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही नील-हरित काई जैसे प्राकृतिक विकल्पों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने की तैयारियों की समीक्षा

कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शहला निगार ने रायपुर और दुर्ग संभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर खरीफ 2026 की तैयारियों की समीक्षा की।

उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • किसानों का पंजीयन तेजी से पूरा किया जाए
  • बीज और खाद के लिए नई ई-वितरण प्रणाली लागू की जाए
  • जैविक खाद और वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा दिया जाए
  • जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए

फसल विविधीकरण और एग्रीटेक पर जोर

बैठक में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण योजना के तहत दलहन और तिलहन फसलों के उपार्जन को प्राथमिकता देने की बात कही गई।

इसके अलावा हर जिले में सुगंधित धान, ऑयल पाम, मखाना और मसाला फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही किसानों को एग्रीटेक पंजीयन से जोड़ने पर जोर दिया गया।

सरकार का दावा है कि खरीफ 2026 के लिए राज्य पूरी तरह तैयार है और किसानों को समय पर खाद, बीज और सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही पारदर्शिता और सख्त निगरानी के जरिए किसानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।