Chhattisgarh News: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में जल संसाधन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राज्य में चल रही और प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
लंबित सिंचाई परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सिंचाई सुविधाओं का मजबूत होना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो सिंचाई परियोजनाएं लंबे समय से अधूरी हैं, उन्हें अटल सिंचाई योजना के तहत समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों के हित में सरकार के बड़े फैसले
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार बड़े निर्णय ले रही है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में किसानों की भूमिका सबसे अहम है। खेती के बढ़ते क्षेत्र और किसानों की जरूरतों को देखते हुए सिंचाई परियोजनाओं का विस्तार अनिवार्य है।
सिंचाई परियोजनाओं के लिए बजट की कोई कमी नहीं
मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बजट की कोई कमी नहीं रखी गई है। इसके लिए अलग से बजटीय प्रावधान किया गया है। इन परियोजनाओं के पूरे होने से प्रदेश में सिंचित क्षेत्र बढ़ेगा और किसानों की उपज में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
आधुनिक तकनीक से किसान होंगे लाभान्वित
मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के किसानों के मध्यप्रदेश अध्ययन भ्रमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां आधुनिक सिंचाई तकनीक को देखकर किसान काफी उत्साहित हुए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि अन्य राज्यों में सफल सिंचाई नवाचारों का अध्ययन करने के लिए छत्तीसगढ़ के किसानों को भी भ्रमण पर भेजा जाए।
तीन वर्षों में 14 बड़ी सिंचाई परियोजनाएं होंगी पूरी
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि अगले तीन वर्षों में लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की लागत से 14 सिंचाई परियोजनाएं चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी। इससे लगभग 70 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
प्रमुख परियोजनाओं का जल्द होगा भूमिपूजन
इनमें चार बड़ी परियोजनाओं का भूमिपूजन मार्च और मई महीने में प्रस्तावित है। इनमें बस्तर जिले की देउरगांव और मटनार बैराज परियोजनाएं, रायपुर जिले के आरंग क्षेत्र में महानदी पर मोहमेला–सिरपुर बैराज तथा गरियाबंद जिले की सिकासार–कोडार जलाशय लिंक परियोजना शामिल हैं।
अटल सिंचाई योजना से बढ़ेगी सिंचाई क्षमता
अटल सिंचाई योजना के तहत 115 लंबित परियोजनाओं के लिए 346 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। इनसे लगभग 11 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित की जाएगी।
अंतराज्यीय जल विवादों पर भी हुई चर्चा
बैठक में महानदी जल विवाद, पोलावरम बांध से जुड़े डुबान क्षेत्र और समक्का बैराज जैसे अंतराज्यीय जल विवादों के समाधान पर भी चर्चा हुई। इन मामलों को अगले तीन वर्षों में सुलझाने के लिए ठोस प्रयास करने पर सहमति बनी।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री मुकेश बंसल, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
