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Chhattisgarh News: 140 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, मुख्यमंत्री से मिलकर जताई नई जिंदगी की खुशी

दिल्ली NCR
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में शांति और विकास की दिशा में एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई है, जहां बड़ी संख्या में नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। हाल ही में Raipur में 140 आत्मसमर्पित नक्सलियों ने मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai से मुलाकात कर अपने जीवन में आए बदलाव को साझा किया।

डर और असुरक्षा से सुरक्षित जीवन की ओर

आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बताया कि पहले उनका जीवन जंगलों में डर, असुरक्षा और संघर्ष से भरा हुआ था। हर दिन अनिश्चितता और खतरे के बीच गुजरता था। लेकिन अब मुख्यधारा में लौटने के बाद वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अब वे सामान्य जीवन की खुशियों को महसूस कर पा रहे हैं, जो पहले उनके लिए संभव नहीं था।

विकास की रोशनी पहुंची दूरदराज इलाकों तक

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। आत्मसमर्पित लोगों ने बताया कि उनके गांवों में अब सड़कों, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है, जिससे जीवन पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है।

यह बदलाव न केवल उनके जीवन स्तर को बेहतर बना रहा है, बल्कि उन्हें समाज से जुड़ने का भी अवसर दे रहा है।

पहली बार परिवार के साथ त्योहारों की खुशी

कुछ आत्मसमर्पित नक्सली भावुक भी नजर आए। उन्होंने बताया कि इस बार उन्होंने पहली बार अपने परिवार के साथ होली जैसे त्योहार मनाए।

यह उनके लिए एक नई शुरुआत और जीवन के सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है, जो उन्हें मुख्यधारा में लौटने के बाद मिला है।

सरकार का भरोसा और पुनर्वास की योजना

मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों का स्वागत करते हुए कहा कि उनका यह कदम केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि पूरे राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार उनके पुनर्वास, रोजगार और सामाजिक पुनर्स्थापन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। केंद्र सरकार के साथ मिलकर इसे पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

इस दिशा में Narendra Modi और Amit Shah के नेतृत्व में चल रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया गया।

140 आत्मसमर्पित नक्सलियों का मुख्यधारा में लौटना यह दिखाता है कि जब विकास, विश्वास और अवसर मिलते हैं, तो बदलाव संभव है।

यह कदम न केवल हिंसा को कम करेगा, बल्कि समाज में शांति और स्थिरता लाने में भी अहम भूमिका निभाएगा। छत्तीसगढ़ अब एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां बंदूक की जगह विकास और विश्वास को प्राथमिकता दी जा रही है।