Chhattisgarh News: 18 फरवरी 2026 को रायपुर में आयोजित जनगणना-2027 के राज्य एवं संभाग स्तरीय अधिकारियों के प्रशिक्षण सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनगणना केवल लोगों की गिनती नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है।
उन्होंने सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय दायित्व को पूरी गंभीरता, सटीकता और संवेदनशीलता के साथ निभाएं।
पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी जनगणना
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2027 की जनगणना स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी। उन्होंने कहा कि यदि आंकड़े सही नहीं होंगे तो विकास योजनाएं प्रभावित होंगी। इसलिए एक भी व्यक्ति या परिवार छूटना नहीं चाहिए।
जनगणना-2027 भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। इसमें मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से डेटा इकट्ठा किया जाएगा। इससे प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
छत्तीसगढ़ में पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य 33 जिलों, 252 तहसीलों और 19,978 गांवों में किया जाएगा।
जनभागीदारी से बढ़ेगा विश्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-गणना की सुविधा से जनता की भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत-2047 के लक्ष्य को पाने में जनगणना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रशिक्षण सम्मेलन में मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है। उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
त्रुटि रहित और समन्वित कार्य पर जोर
मुख्य सचिव ने मैदानी कर्मचारियों के प्रशिक्षण में सहयोगात्मक निगरानी (सपोर्टिव सुपरविजन) पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रगणकों को निरंतर मार्गदर्शन मिलना चाहिए ताकि गलती की संभावना कम हो।
सीमावर्ती जिलों में दोहराव से बचने और नई इमारतों को पहले से चिन्हित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि जनगणना की सफलता सूक्ष्म योजना और सही क्रियान्वयन पर निर्भर करती है।
150 वर्षों की परंपरा और नई तकनीक का संगम
इस अवसर पर भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना दुनिया के सबसे बड़े प्रशासनिक और सांख्यिकीय कार्यों में से एक है।
उन्होंने बताया कि भारत में पहली संगठित जनगणना वर्ष 1872 में हुई थी। आने वाली जनगणना देश की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी।
जनगणना में मकान, सुविधाएं, शिक्षा, आर्थिक गतिविधि, भाषा, धर्म, अनुसूचित जाति-जनजाति और अन्य सामाजिक जानकारी एकत्र की जाती है, जो नीति-निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अधिकारियों की उपस्थिति
सम्मेलन में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, राज्य जनगणना निदेशक कार्तिकेय गोयल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों ने जनगणना-2027 को सफल बनाने का संकल्प लिया।
