Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में आज अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2026 का आयोजन हुआ। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मैराथन को हरी झंडी दिखाकर शुरुआत कराई और स्वयं भी कुछ दूरी तक दौड़ में शामिल हुए। यह आयोजन शांति, विश्वास और विकास का प्रतीक बनकर सामने आया।
हजारों लोगों की भागीदारी, बदली हुई तस्वीर
इस हाफ मैराथन में 10 हजार से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया। इनमें बस्तर संभाग, देश के अलग-अलग राज्यों और विदेशों से आए प्रतिभागी शामिल थे। 60 से ज्यादा विदेशी धावकों की मौजूदगी ने इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दी। कभी दुर्गम माने जाने वाले अबूझमाड़ में इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुटना बदलते हालात को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री का संदेश: अबूझमाड़ में लौट रहा है भरोसा
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अबूझमाड़ की धरती से आज अमन और शांति का मजबूत संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वही क्षेत्र है जहां पहले आम लोगों का पहुंचना भी मुश्किल था, लेकिन अब यहां सकारात्मक माहौल बन चुका है। युवाओं की भागीदारी यह दिखाती है कि बस्तर तेज़ी से शांति और विकास की ओर बढ़ रहा है।
नक्सलवाद के खिलाफ संकल्प और विकास की राह
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों से बस्तर में हालात बदले हैं। उन्होंने बताया कि नक्सलवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई और सुरक्षा बलों के साहस से यह बदलाव संभव हुआ है। हाल ही में बस्तर क्षेत्र में 351 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया है, जिससे क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।
आत्मसमर्पित माओवादियों की भागीदारी बनी खास संदेश
इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि आत्मसमर्पित माओवादी युवाओं ने भी मैराथन में हिस्सा लिया। हथियार छोड़कर शांति की राह अपनाने का यह दृश्य पूरे कार्यक्रम का सबसे मजबूत संदेश बनकर उभरा। स्थानीय अबूझमाड़िया जनजाति और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और भी खास बना दिया।
21 किलोमीटर की दौड़, जो बनी उम्मीद की पहचान
यह हाफ मैराथन नारायणपुर से बासिंग तक 21 किलोमीटर की दूरी में आयोजित की गई। दौड़ से पहले सामूहिक जुंबा वॉर्मअप हुआ, जिसमें हजारों लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। पूरा माहौल ऊर्जा, विश्वास और नए भविष्य की उम्मीद से भरा रहा।
