Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में सरकार गठन के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 11 लाख से अधिक घरों का निर्माण पूरा किया जा चुका है। इस उपलब्धि के अवसर पर रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने 11 लाख प्रधानमंत्री आवास पूरे होने के उपलक्ष्य में 11 लाभार्थियों को उनके नए आवास की प्रतीकात्मक चाबी प्रदान कर सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के तहत किए गए उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित कॉम्पेंडियम का विमोचन किया।
पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवासों के लिए लिया गया था फैसला
राज्य सरकार ने गठन के बाद अपनी पहली कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवासों के लिए राशि जारी करने का निर्णय लिया था।
सरकार के प्रयासों के बाद पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
एक साल में बने करीब 6 लाख प्रधानमंत्री आवास
पिछले वित्तीय वर्ष में छत्तीसगढ़ में करीब 6 लाख प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूरा किया गया।
राज्य सरकार के अनुसार, एक वित्तीय वर्ष में इतनी बड़ी संख्या में प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूरा करना देश में सबसे अधिक आवास निर्माण की उपलब्धि है।
वित्तीय वर्ष के पहले 100 दिनों में बने 1.51 लाख घर
वर्तमान वित्तीय वर्ष के शुरुआती 100 दिनों यानी 1 अप्रैल से 9 जुलाई 2026 के बीच प्रदेश में 1 लाख 51 हजार प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूरा किया गया है।
इस हिसाब से छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन औसतन 1,500 से अधिक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण पूरा किया जा रहा है।
11 लाभार्थियों को मिली नए घरों की प्रतीकात्मक चाबी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना के 11 लाभार्थियों को नए घरों की प्रतीकात्मक चाबी सौंपी।
मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को नए आवास के लिए शुभकामनाएं दीं और प्रधानमंत्री आवास योजना की उपलब्धियों को प्रदेश के ग्रामीण परिवारों के जीवन में बदलाव लाने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।
‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के कार्यों पर कॉम्पेंडियम जारी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के दौरान ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के तहत किए गए उत्कृष्ट कार्यों पर आधारित कॉम्पेंडियम का विमोचन किया।
इस पुस्तिका में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जल संरक्षण, भूजल संवर्धन और ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए किए गए कार्यों को शामिल किया गया है।
24 अप्रैल 2025 को शुरू हुआ था ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान
‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान की शुरुआत 24 अप्रैल 2025 को पंचायती राज दिवस के अवसर पर की गई थी।
यह अभियान जनभागीदारी पर आधारित है और इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, जल संवर्धन और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
जल संरक्षण के एक लाख से अधिक कार्यों पर 2 हजार करोड़ रुपये खर्च
अभियान के तहत पूर्ववर्ती महात्मा गांधी नरेगा और वर्तमान वीबी-जीरामजी के माध्यम से 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से एक लाख से ज्यादा जल संरक्षण और जल संवर्धन कार्यों को स्वीकृति दी गई है।
इनमें से बड़ी संख्या में परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।
आजीविका डबरी और नवा तरिया जैसी जल संरचनाओं का निर्माण
‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के तहत प्रदेश में आजीविका डबरी, नवा तरिया और कंटूर ट्रेंच सहित विभिन्न प्रकार की जल संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है।
इन कार्यों का उद्देश्य बारिश के पानी को संरक्षित करना, भूजल स्तर को बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर पैदा करना है।
राज्य सरकार जनभागीदारी के माध्यम से जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन कुमार अग्रवाल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी मौजूद रहे।
