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Chhattisgarh News: बस्तर में बंदूक नहीं, अब विश्वास की जीत: 108 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही मुहिम को एक बड़ी सफलता मिली है। जगदलपुर में 3.29 करोड़ रुपये के इनामी 108 सशस्त्र माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।

इस आत्मसमर्पण में 44 महिला माओवादी कैडर भी शामिल हैं। इस घटनाक्रम को बस्तर में शांति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब बस्तर में बंदूक नहीं, बल्कि विश्वास की जीत हो रही है।

शांति और विकास की दिशा में बड़ा संकेत

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर माओवादियों का आत्मसमर्पण इस बात का संकेत है कि बस्तर के लोगों में अब शांति और विकास के प्रति विश्वास बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयास और क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों के कारण माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।

44 महिला माओवादियों का आत्मसमर्पण

इस आत्मसमर्पण में 44 महिला कैडरों का शामिल होना भी एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह दर्शाता है कि बस्तर के दूर-दराज के इलाकों में भी अब लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन की ओर लौटना चाहते हैं।

सरकार का मानना है कि यह बदलाव बस्तर में सकारात्मक माहौल बनने का संकेत है।

सुरक्षा बलों और प्रशासन के प्रयासों की सराहना

मुख्यमंत्री ने इस सफलता के लिए सुरक्षा बलों, प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना की।

उन्होंने कहा कि बस्तर के लोग अब भय और हिंसा से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।

केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त प्रयास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जा रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार भी केंद्र सरकार के साथ मिलकर नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की दिशा में लगातार काम कर रही है।

भयमुक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य

राज्य सरकार का लक्ष्य बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ को भयमुक्त, शांतिपूर्ण और विकसित राज्य बनाना है। इसके लिए सरकार सुरक्षा, विकास और विश्वास—इन तीनों मोर्चों पर लगातार काम कर रही है।

108 माओवादियों का आत्मसमर्पण इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जो आने वाले समय में बस्तर में स्थायी शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।