Bihar News: पटना के वार्ड-38 स्थित दरियापुर भट्ठी में सोमवार को नए शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) का उद्घाटन किया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने इस स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन करते हुए कहा कि राज्य सरकार बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और अधिक सुलभ बनाने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। इस अवसर पर नगर विकास एवं आवास मंत्री श्री नीतीश मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
हजारों लोगों को घर के पास मिलेगी प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा
नया शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र के हजारों लोगों को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इस केंद्र का शिलान्यास 21 फरवरी 2025 को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा किया गया था।
उद्घाटन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री के आप्त सचिव कौशलेंद्र कुमार, वार्ड पार्षद तथा स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की पूरी टीम तैनात
स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में फिलहाल दो एमबीबीएस डॉक्टर, पांच एएनएम, एक लैब तकनीशियन, एक फार्मासिस्ट और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति की गई है।
वर्तमान में अस्पताल में दो बेड की व्यवस्था है, जिसे भविष्य में आवश्यकता के अनुसार बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र में आवश्यक दवाइयों और प्राथमिक उपचार की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
बिहार में बनेंगे 11 लेवल-3 ट्रॉमा सेंटर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार पूरे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है। इसी क्रम में राज्य में 11 लेवल-3 ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
इसके अलावा बिहार के पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी, दक्षिणी और मध्य जोन में पांच लेवल-2 ट्रॉमा सेंटर विकसित करने की योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
एलएनजेपी अस्पताल में शुरू होगी 400 बेड की नई सुविधा
उन्होंने बताया कि जल्द ही एलएनजेपी अस्पताल में 400 बेड की नई सुविधा शुरू होगी। यहां अत्याधुनिक ऑर्थोपेडिक एवं स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर भी स्थापित किया जाएगा, जिससे गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
सरकारी अस्पतालों की होगी डिजिटल निगरानी
सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए राज्य के लगभग 15 हजार सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में कैमरे लगाए जा रहे हैं।
इसके साथ ही एक विशेष सॉफ्टवेयर भी विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से डॉक्टरों की उपस्थिति, ओपीडी, आईपीडी, सर्जरी और वार्ड राउंड की निगरानी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जाएगी।
जल्द शुरू होगी नई नियुक्तियां
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विभाग में रिक्त पदों को भरने के लिए जल्द ही नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्पेशलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि लोगों को अपने जिले में ही आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
