5 जिलों में नए राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल निर्माण को कैबिनेट की मंजूरी
Bihar News: बिहार के माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में राज्य के पांच जिलों- नवादा, जहानाबाद, कैमूर, बांका और औरंगाबाद में राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों के निर्माण एवं जिला अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण हेतु प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
ये भी पढ़ेः Bihar News: बिहार में नीतीश मंत्रिमंडल का विस्तार, जानिए किसे मिला कौन सा मंत्रालय?

नवादा जिले में रू० 4,01,68,00,000/- (चार अरब एक करोड़ अड़सठ लाख) की लागत से राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का निर्माण एवं जिला अस्पताल का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। जहानाबाद जिले में रू० 4,02,19,00,000/- (चार अरब दो करोड़ उन्नीस लाख) की लागत से राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का निर्माण एवं जिला अस्पताल का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
कैमूर जिले में रू० 4,02,14,00,000/- (चार अरब दो करोड़ चौदह लाख) की लागत से राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का निर्माण एवं जिला अस्पताल का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। बांका जिले में रू० 4,02,31,00,000/- (चार अरब दो करोड़ इकतीस लाख) की लागत से राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का निर्माण एवं जिला अस्पताल का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। औरंगाबाद जिले (देव प्रखंड) में रू० 4,00,29,00,000/- (चार अरब उनतीस लाख) की लागत से राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का निर्माण एवं जिला अस्पताल का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा।
इससे न केवल छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर लोगों को उच्चस्तरीय एवं आधुनिक चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध होंगी। यह पहल बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र को एक नई दिशा प्रदान करेगी और प्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाएगी। राज्य के नागरिकों को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग निरंतर प्रयासरत है।
ये भी पढ़ेः Bihar News: अखिल भारतीय असैनिक सेवा संगीत, नृत्य एवं लघु नाट्य प्रतियोगिता में सजा कला का मंच
नए मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच ग्रामीण इलाकों तक बढ़ेगी और राज्य के विकास में एक महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। यह कदम बिहार को स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और एक स्वस्थ एवं समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर करने के संकल्प को साकार करने में सहायक होगा।
