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Bihar News: नीतीश कुमार की BSCC योजना में गड़बड़ी का शक, शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच

बिहार
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Bihar News: बिहार में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बड़ी संख्या में आवेदन मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने पटना समेत 6 जिलों के 15 निजी शिक्षण संस्थानों की स्थलीय और भौतिक जांच के आदेश दिए हैं ताकि किसी भी अनियमितता या सरकारी राशि के दुरुपयोग की संभावना को समय रहते रोका जा सके।

आवेदन में असामान्य बढ़ोतरी ने बढ़ाई चिंताएँ

शिक्षा विभाग की समीक्षा में यह पाया गया कि पिछले कुछ वर्षों की तुलना में कई शिक्षण संस्थानों में आवेदन संख्या में असामान्य बढ़ोतरी हुई है। उदाहरण के लिए, शैक्षणिक सत्र 2024-25 में 85,000 के लक्ष्य के मुकाबले लगभग 99,357 आवेदन मिले, जबकि 2025-26 में लक्ष्य लगभग 95,220 के बजाय 1,15,423 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसे देखते हुए विभाग ने जांच का निर्णय लिया है।

Bihar News: किन जिलों और संस्थानों की होगी जांच?

पहले चरण में पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, रोहतास और औरंगाबाद के 15 निजी शिक्षण संस्थानों की जांच होने वाली है। पटना के कुछ प्रमुख संस्थानों में मगध प्रोफेशनल इंस्टीट्यूट, ऑक्सफोर्ड कॉलेज ऑफ रिसर्च एंड मैनेजमेंट, चैतन्य कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, आरएस विद्यापीठ, एबीसी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, नोवा मैनेजमेंट कॉलेज और हिमालय कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल एजुकेशन शामिल हैं।

जांच में क्या बिंदु शामिल होंगे?

जांच दल इन प्रमुख बातों पर ध्यान देगा:
• संस्थानों के रजिस्ट्रेशन और अनुमति दस्तावेज
पाठ्यक्रम, नामांकन व उपस्थिति की स्थिति
पिछले दो वर्षों का शुल्क विवरण
कक्षाएँ, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब आदि की जियो-टैग फोटो
शिक्षकों की योग्यता और
छात्रों से फीडबैक लेना भी शामिल होगा।

रिपोर्ट 15 दिनों में चाहिए

शिक्षा विभाग ने सभी जिलों के अधिकारीयों को 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है ताकि इस योजना में संभावित अनियमितताओं का उचित तरीके से पता लगाया जा सके और समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना छात्रों को ब्याज-मुक्त शिक्षा ऋण देने के उद्देश्य से शुरू की गई है, लेकिन अचानक आवेदन में बढ़ोतरी ने संदेह पैदा किया है। विभाग की यह जांच सुनिश्चित करेगी कि योजना का उपयोग सही तरीक़े से हो रहा है और सरकारी धन का दुरुपयोग न हो।