Rent: किराएदारों से क्‍या एंट्री फीस वसूल सकता है RWA, क्‍या हैं सोसाइटी के नियम-कानून

दिल्ली NCR
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Rent: नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर की कई हाउसिंग सोसायटियों में नए किरायेदारों से एंट्री-एग्जिट फीस, मूव-इन/मूव-आउट चार्ज या शिफ्टिंग फीस वसूलने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी शुल्क का स्पष्ट कानूनी या उपनियम (बाय-लॉ) में आधार नहीं है, तो रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) मनमाने ढंग से ऐसा शुल्क नहीं लगा सकती।

क्या RWA मनमर्जी से एंट्री-एग्जिट फीस ले सकती है?

विशेषज्ञों के अनुसार, RWA सुरक्षा और शिफ्टिंग से जुड़े उचित नियम बना सकती है, जैसे शिफ्टिंग का समय तय करना या किरायेदार का सत्यापन कराना। हालांकि, केवल सोसायटी में प्रवेश या घर बदलने के नाम पर मनमाना शुल्क वसूलने का अधिकार सामान्य तौर पर नहीं माना जाता, जब तक कि वह वैध उपनियमों और लागू नियमों के अनुरूप न हो।

यदि RWA जबरन शुल्क मांगे तो क्या करें?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी निवासी को लगता है कि उससे अवैध शुल्क वसूला जा रहा है, तो वह पहले RWA को लिखित शिकायत दे। यदि निर्धारित समय में समाधान नहीं होता, तो मामले के आधार पर संबंधित रजिस्ट्रार, सहकारी न्यायालय (जहां लागू हो) या उपभोक्ता आयोग का रुख किया जा सकता है।

लिखित रिकॉर्ड रखना क्यों जरूरी है?

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शिकायत हमेशा ईमेल या लिखित आवेदन के माध्यम से करें और उसका रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। यदि RWA जवाब नहीं देती या कार्रवाई नहीं करती, तो यही दस्तावेज आगे कानूनी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकते हैं।

विशेषज्ञों की सलाह

कानूनी जानकारों का कहना है कि निवासी और RWA दोनों को सोसायटी के पंजीकृत उपनियमों और संबंधित राज्य के कानूनों का पालन करना चाहिए। किसी भी विवाद की स्थिति में पहले बातचीत और लिखित शिकायत के जरिए समाधान की कोशिश करना बेहतर माना जाता है, जबकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित वैधानिक मंच पर शिकायत की जा सकती है।