MP News: भोपाल, 20 जुलाई। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले में स्थित स्लीमनाबाद जल सुरंग (Sleemanabad Water Tunnel) का निरीक्षण किया। राज्य सरकार के अनुसार, यह लगभग 11.95 किलोमीटर लंबी सुरंग देश की सबसे लंबी भूमिगत जल परिवहन सुरंग है और इसके पूरा होने के बाद नर्मदा का पानी गुरुत्वाकर्षण (ग्रैविटी फ्लो) के माध्यम से सोन नदी बेसिन तक पहुंचाया जाएगा।
2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलने का दावा
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि यह परियोजना विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। राज्य सरकार का दावा है कि इसके माध्यम से करीब 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी तथा जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना सहित लगभग 1,450 गांवों को इसका लाभ मिलेगा।
17 वर्षों में पूरा हुआ सुरंग निर्माण
सरकारी जानकारी के अनुसार, स्लीमनाबाद सुरंग का निर्माण लगभग 17 वर्षों में पूरा हुआ। परियोजना के दौरान इंजीनियरों को संगमरमर और चूना पत्थर की परतों, भूमिगत जल रिसाव और अन्य तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सरकार का कहना है कि उन्नत सुरंग निर्माण तकनीक और विशेष मशीनों की मदद से यह कार्य पूरा किया गया।
बर्गी डायवर्जन परियोजना का हिस्सा है सुरंग
यह सुरंग बर्गी डायवर्जन परियोजना का हिस्सा है और इसे नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, परियोजना पर लगभग 1,600 करोड़ रुपये की लागत आई है। सुरंग के माध्यम से बिना पंपों के नर्मदा का पानी गुरुत्वाकर्षण आधारित प्रणाली से सोन नदी बेसिन तक पहुंचाया जाएगा, जिससे सिंचाई के साथ-साथ जल उपलब्धता में भी सुधार होने की उम्मीद है।
परियोजना जल्द होगी पूरी
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। सरकार के अनुसार, सुरंग का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और शेष कार्य पूर्ण होने के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा। सरकार का दावा है कि परियोजना शुरू होने से क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।
