Rajasthan News: जयपुर, 15 जुलाई। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भ्रष्टाचार, कदाचार और प्रशासनिक लापरवाही के मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है। राज्य सरकार ने एक IAS अधिकारी, दो RPS अधिकारियों सहित कुल 15 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई को मंजूरी दी है। दहेज उत्पीड़न के मामले में दोषी पाए गए एक चिकित्सा अधिकारी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
IAS, RPS और अन्य अधिकारियों पर कार्रवाई
सरकारी भूमि आवंटन में अनियमितता के मामले में एक IAS अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की स्वीकृति दी गई। वहीं, हत्या के मामले की जांच में कथित लापरवाही और अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई के आरोपों को लेकर दो RPS अधिकारियों पर भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। इसके अलावा रिश्वतखोरी, पद के दुरुपयोग और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़े मामलों में भी अभियोजन और विभागीय कार्रवाई को मंजूरी मिली है।
दहेज उत्पीड़न में दोषी डॉक्टर सेवा से बर्खास्त
सरकार ने दहेज उत्पीड़न के मामले में दोषसिद्ध एक चिकित्सा अधिकारी को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही राजस्थान सिविल सेवा के दो अधिकारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने तथा एक सेवानिवृत्त पशु चिकित्सा अधिकारी की 20 प्रतिशत पेंशन स्थायी रूप से रोकने का निर्णय भी लिया गया है।
महिला बंदी सुधार गृह की उपाधीक्षक निलंबित
जयपुर महिला बंदी सुधार गृह की उपाधीक्षक सरोज विश्नोई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उनके खिलाफ महिला बंदियों को नियमों के विपरीत सुविधाएं उपलब्ध कराने और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है।
जीरो टॉलरेंस का संदेश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस फैसले को राज्य सरकार की जवाबदेही और प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार, कदाचार और कानून-व्यवस्था में लापरवाही के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
