Chhattisgarh News

Chhattisgarh News: दशकों बाद बिजली से जगमगाए नारायणपुर के वनांचल गांव, ‘नियद नेल्लानार योजना’ से बदली ग्रामीणों की जिंदगी

छत्तीसगढ़
Spread the love

Chhattisgarh News: रायपुर, 12 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में बसे गांवों के लिए वर्ष 2026 की गर्मियां ऐतिहासिक बदलाव लेकर आई हैं। दशकों तक लालटेन और ढिबरी की रोशनी में जीवन गुजारने वाले ग्राम मोहन्दी और मसपुर के ग्रामीणों के घरों में पहली बार बिजली पहुंची है।

राज्य सरकार की ‘नियद नेल्लानार योजना’ के तहत इन दुर्गम गांवों में बिजली पहुंचाने का काम पूरा किया गया है। घरों में पहली बार बिजली के बल्ब जलते देख ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। बिजली पहुंचने से अब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और रोजमर्रा की जिंदगी में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।

घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बिजली पहुंचाना था बड़ी चुनौती

नारायणपुर जिले के ग्राम मोहन्दी के मिचिंगपारा, कोडियारपारा और बीचपारा तथा ग्राम मसपुर के गुडरापारा तक बिजली पहुंचाना आसान नहीं था।

घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां विद्युत लाइन विस्तार के काम में बड़ी चुनौती थीं। इसके बावजूद जिला प्रशासन और विद्युत विभाग ने निर्धारित समय के भीतर काम पूरा किया।

कलेक्टर के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) की टीम और निर्माण एजेंसी मां शारदा ने विद्युत लाइन विस्तार का काम पूरा कर इन गांवों तक बिजली पहुंचाई।

84 लाख रुपये से अधिक खर्च कर 45 परिवारों तक पहुंचाई बिजली

वनांचल के गांवों तक बिजली पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने करीब 84.21 लाख रुपये खर्च किए हैं।

ग्राम मोहन्दी के तीन पारों में लगभग 61.79 लाख रुपये की लागत से विद्युत लाइन का विस्तार किया गया। इससे गांव के 40 परिवारों को पहली बार बिजली की सुविधा मिली।

वहीं, ग्राम मसपुर के गुडरापारा में 22.42 लाख रुपये की लागत से विद्युत विस्तार का काम पूरा किया गया। यहां पांच परिवारों के घरों को बिजली कनेक्शन से जोड़ा गया है।

इस तरह दोनों गांवों के कुल 45 परिवारों को पहली बार बिजली की सुविधा उपलब्ध हुई है।

बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों की जिंदगी होगी आसान

बिजली पहुंचने के बाद इन वनांचल गांवों में ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

अब बच्चों को रात में लालटेन और ढिबरी की रोशनी में पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी। बिजली की बेहतर रोशनी मिलने से बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा के अवसर बेहतर होंगे।

इसके साथ ही ग्रामीण मोबाइल चार्जिंग, पंखे और दूसरे जरूरी बिजली उपकरणों का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे उनकी दैनिक जीवनशैली अधिक सुविधाजनक होगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

बिजली की उपलब्धता से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य केंद्रों में बिजली से चलने वाले जरूरी उपकरणों का उपयोग किया जा सकेगा। इससे ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

विशेष रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में बिजली की उपलब्धता स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों के खुलेंगे नए रास्ते

बिजली पहुंचने से गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

ग्रामीण अब सिलाई, कुटीर उद्योग और बिजली आधारित छोटे व्यवसाय शुरू कर सकेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं और ग्रामीण परिवारों की आय में सुधार हो सकता है।

बिजली की सुविधा गांवों के आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

पहली बार घरों में बिजली देखकर भावुक हुए ग्रामीण

वर्षों के इंतजार के बाद अपने घरों को बिजली की रोशनी से जगमगाता देखकर ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।

ग्रामीणों का कहना है कि उनके लिए यह बदलाव किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने गांवों तक बिजली पहुंचाने के लिए राज्य सरकार, जिला प्रशासन और विद्युत विभाग का आभार व्यक्त किया।

वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ रही ‘नियद नेल्लानार योजना’

‘नियद नेल्लानार योजना’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार सुदूर और वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

योजना का उद्देश्य केवल गांवों तक बिजली पहुंचाना नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के माध्यम से ग्रामीणों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना भी है।

प्रशासन की योजना जिले के अन्य सुविधाविहीन गांवों तक भी चरणबद्ध तरीके से विकास और बिजली की सुविधा पहुंचाने की है।