Uttarakhand News: धामी सरकार का ‘सेवा पखवाड़ा’ बना जनसेवा का महाअभियान, 5,300 से ज्यादा लोगों तक पहुंचीं सरकारी योजनाएं

उत्तराखंड
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Uttarakhand News: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के पांच वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर चलाए जा रहे “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” और “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत प्रदेशभर में बहुउद्देशीय जनसेवा शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से हजारों नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया गया।

5,300 से अधिक लोगों ने लिया भाग, 4,470 लाभार्थियों को मिला सीधा फायदा

राज्यभर में आयोजित जनसेवा शिविरों में 5,300 से अधिक लोगों ने भाग लिया। इनमें 4,470 से ज्यादा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। शिविरों में 415 शिकायतें और आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 179 से अधिक मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया।

एक ही स्थान पर मिली कई सरकारी सेवाएं

जनसेवा शिविरों में नागरिकों को स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, शिक्षा, रोजगार, पेयजल, बिजली, राजस्व, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, आयुष, दुग्ध विकास और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की जानकारी और लाभ उपलब्ध कराया गया।

शिविरों में प्रमुख सेवाएं शामिल रहीं:

  • स्वास्थ्य परीक्षण और निःशुल्क दवा वितरण
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन
  • प्रधानमंत्री आवास योजना
  • मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना
  • आधार और अन्य प्रमाण-पत्र निर्माण
  • कृषि एवं उद्यान सहायता
  • महालक्ष्मी किट वितरण
  • रोजगार पंजीकरण और छात्रवृत्ति संबंधी सेवाएं

दूरस्थ गांवों तक पहुंचा शासन-प्रशासन

अल्मोड़ा, बागेश्वर, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, चमोली, चंपावत, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर सहित कई जिलों में शिविर लगाए गए। इन शिविरों के जरिए दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाए बिना योजनाओं का लाभ मिला।

मुख्यमंत्री धामी बोले— अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी हर योजना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” केवल एक अभियान नहीं बल्कि सरकार की कार्यसंस्कृति है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है, ताकि लोगों का समय, श्रम और धन तीनों की बचत हो और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।