Punjab News: पंजाब सरकार ने मानसून से पहले बाढ़ सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए माधोपुर हेडवर्क्स के 54 गेटों का आधुनिकीकरण और मजबूतीकरण पूरा कर लिया है। इन गेटों को अब बिजली की मोटरों से संचालित किया जा सकेगा। साथ ही क्षतिग्रस्त तीन गेटों का नए और अधिक सुरक्षित डिजाइन के अनुसार पुनर्निर्माण भी किया गया है। इन सभी कार्यों पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
यह जानकारी पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने माधोपुर हेडवर्क्स के निरीक्षण के दौरान दी।
मानसून से पहले बाढ़ सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा
जल संसाधन मंत्री पिछले वर्ष बाढ़ से प्रभावित पठानकोट के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर विभाग द्वारा किए गए सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने रावी नदी के किनारे स्थित संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण करते हुए कहा कि सरकार ने मानसून से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
2025 की बाढ़ के बाद युद्ध स्तर पर हुआ काम
मंत्री ने बताया कि 27 अगस्त 2025 की भीषण बाढ़ के बाद विभाग ने तेजी से राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य किए।
मुख्य कार्यों में शामिल हैं:
- दोनों ओर लगभग 500 मीटर लंबे सुरक्षा बांधों का निर्माण।
- अस्थायी रिंग बांध बनाकर 1 अक्टूबर 2025 से पंजाब और जम्मू-कश्मीर की नहरों में पूरी क्षमता से जल आपूर्ति बहाल।
- 54 गेटों का आधुनिकीकरण और विद्युतीकरण।
- तीन क्षतिग्रस्त गेटों का नए डिजाइन के अनुसार रिकॉर्ड समय में पुनर्निर्माण।
बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार सरकार
बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने पिछले वर्ष चिन्हित सभी कमजोर और संवेदनशील स्थानों पर मरम्मत और मजबूतीकरण का कार्य पूरा कर लिया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और लोगों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सभी सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं ताकि वर्षा ऋतु के दौरान जनजीवन प्रभावित न हो और जल संसाधन ढांचा सुरक्षित बना रहे।
