Punjab News: पंजाब के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से कान, नाक और गले (ईएनटी) से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। उनका कहना है कि समय पर जांच और उपचार से सुनने की क्षमता में कमी, लंबे समय तक रहने वाले संक्रमण, साइनस की समस्या और मुँह के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का प्रभावी इलाज संभव है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इलाज में देरी होने पर साधारण समस्या भी गंभीर रूप ले सकती है, जिससे बड़े ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ सकती है।
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 2,030 से अधिक ईएनटी सर्जरी
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पात्र मरीजों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में आधुनिक ईएनटी सर्जरी निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए) के अनुसार अब तक:
- 2,030 से अधिक ईएनटी सर्जरी
- करीब 5.25 करोड़ रुपये का कैशलेस उपचार
किया जा चुका है।
सबसे अधिक कान की सर्जरी
पिछले साढ़े पांच महीनों में लगभग:
- 1,050 कानों की सर्जरी
- 2.9 करोड़ रुपये से अधिक का उपचार
किया गया।
इनमें शामिल हैं:
- 897 टाइम्पेनोप्लास्टी
- 88 रेडिकल मास्टोइडेक्टमी
- कान की चोट और बाहरी कान (पिन्ना) के ट्यूमर की सर्जरी
रूपनगर (रोपड़) सिविल अस्पताल की ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. निधि गुप्ता ने कहा कि समय पर सर्जरी से सुनने की क्षमता बहाल होने के साथ संक्रमण को मस्तिष्क के आसपास की हड्डियों तक फैलने से भी रोका जा सकता है।
नाक और साइनस की 900 के करीब सर्जरी
मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत:
- लगभग 900 नाक एवं साइनस सर्जरी
- 2.1 करोड़ रुपये से अधिक का उपचार
किया गया।
इनमें शामिल हैं:
- 395 फंक्शनल सेप्टो राइनोप्लास्टी
- 354 सेप्टोप्लास्टी
- 227 फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी (FESS)
डॉ. गुप्ता ने बताया कि कई मरीज वर्षों तक केवल नाक के स्प्रे पर निर्भर रहते हैं, जबकि एंडोस्कोपिक सर्जरी लंबे समय तक राहत देने में प्रभावी साबित होती है।
मुँह का कैंसर: शुरुआती पहचान बेहद जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार तंबाकू, गुटखा, सुपारी और शराब का सेवन मुँह के कैंसर के प्रमुख कारण हैं।
योजना के तहत अब तक:
- लगभग 80 मुँह एवं जीभ संबंधी ऑपरेशन
- करीब 25 लाख रुपये का उपचार
किया गया।
इनमें मुँह और गले के ट्यूमर हटाने, जीभ के कैंसर, कंपोजिट रिसेक्शन और रिकंस्ट्रक्शन जैसी जटिल सर्जरियां शामिल हैं।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि यदि मुँह का कोई छाला दो सप्ताह से अधिक समय तक ठीक न हो, या सफेद-लाल धब्बे, निगलने में कठिनाई अथवा लगातार दर्द बना रहे, तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?
डॉक्टरों ने निम्नलिखित लक्षणों पर तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करने की सलाह दी है—
- कान से लगातार पानी बहना
- सुनने की क्षमता कम होना
- नाक लंबे समय तक बंद रहना
- बार-बार साइनस संक्रमण होना
- आवाज लगातार बैठी रहना
- मुँह का छाला दो सप्ताह से अधिक समय तक बने रहना
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से अधिकांश ईएनटी रोगों का सफल इलाज संभव है और बड़े ऑपरेशन की आवश्यकता से भी बचा जा सकता है।
