Punjab News: पंजाब की जेलों में अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने की कार्रवाई के तहत एक बड़ी सफलता मिली है। तस्करी से जुड़े एक मामले में जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में आरोप है कि वह जेल के भीतर प्रतिबंधित सामान पहुंचाने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। मामले की जांच जारी है और पुलिस इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
तस्करी नेटवर्क की जांच तेज
पुलिस के अनुसार, मामले का खुलासा खुफिया सूचना और जांच के दौरान हुआ। इसके बाद संबंधित अधिकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि जेल के भीतर प्रतिबंधित वस्तुएं किस माध्यम से पहुंचाई जा रही थीं और इस नेटवर्क में अन्य कर्मचारी या बाहरी लोग भी शामिल थे या नहीं।
जेल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के सामने आने के बाद जेलों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। जेल प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक जांच भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी अन्य कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार और तस्करी पर सख्त रुख
पंजाब सरकार और पुलिस पहले भी जेलों के भीतर नशा, मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाती रही है। हाल के वर्षों में कई मामलों में जेल कर्मचारियों और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जेल प्रशासन में भ्रष्टाचार या तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
जांच के बाद होंगे आगे के खुलासे
फिलहाल पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और डिजिटल एवं वित्तीय साक्ष्यों की जांच के बाद पूरे नेटवर्क से जुड़े और लोगों की पहचान होने की संभावना है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
