Punjab News: पंजाब में ‘मेरी रसोई’ राशन किट वितरण में आई तेजी, अब तक 21.29 लाख परिवारों तक पहुंचा लाभ

पंजाब
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Punjab News: पंजाब सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत राशन किट वितरण अभियान में तेजी लाई गई है। राज्य सरकार के अनुसार, अब तक 21.29 लाख से अधिक पात्र परिवारों को राशन किट वितरित की जा चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक तिमाही में 40.48 लाख पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाना है।

प्रतिदिन 80 से 85 हजार राशन किट का वितरण

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक के मार्गदर्शन में यह अभियान मिशन मोड में चलाया जा रहा है। सरकार के अनुसार, राज्यभर के वितरण केंद्रों से प्रतिदिन 80,000 से 85,000 राशन किट लाभार्थियों तक पहुंचाई जा रही हैं।

राशन किट में क्या-क्या मिल रहा है?

‘मेरी रसोई’ योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवश्यक खाद्य सामग्री से युक्त राशन किट दी जा रही है। इसमें—

  • 2 किलोग्राम दाल
  • 2 किलोग्राम चीनी
  • 1 किलोग्राम नमक
  • 200 ग्राम हल्दी पाउडर
  • 1 लीटर सरसों का तेल

शामिल है। यह किट राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मिलने वाले गेहूं के अतिरिक्त उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि गरीब परिवारों को बेहतर पोषण मिल सके।

लुधियाना सबसे आगे

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राशन किट वितरण में लुधियाना जिला सबसे आगे है, जहां 2.29 लाख से अधिक परिवारों को लाभ मिला है। इसके बाद पटियाला (1.56 लाख) और संगरूर (1.36 लाख) का स्थान है। फाजिल्का और तरनतारन भी लाभार्थियों की संख्या के मामले में शीर्ष जिलों में शामिल हैं।

पारदर्शिता के साथ हो रहा वितरण

सरकार ने बताया कि राशन किटों का निर्माण मार्कफेड द्वारा किया जा रहा है, जबकि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग पूरे वितरण नेटवर्क की निगरानी कर रहा है। वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने, दोहराव रोकने और अंतिम लाभार्थी तक समय पर किट पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

पोषण और रसोई खर्च कम करना है उद्देश्य

पंजाब सरकार के अनुसार, ‘मेरी रसोई’ योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के रसोई खर्च को कम करना और उन्हें आवश्यक पोषक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इस योजना के माध्यम से राज्य के लाखों परिवारों की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।