Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे प्रयासों के बीच बीजापुर जिले में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव ने शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में हुए इस कार्यक्रम में सबसे बड़ी उपलब्धि 37 वर्षों से बंद पड़े विद्यालयों का पुनः संचालन रही। इस पहल से सुदूर और वनांचल क्षेत्रों के सैकड़ों बच्चों को अब अपने गांव या आसपास ही शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
नवप्रवेशी विद्यार्थियों का हुआ आत्मीय स्वागत
एजुकेशन सिटी में आयोजित कार्यक्रम में सांसद महेश कश्यप ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, पुष्प भेंट कर और अध्ययन सामग्री देकर स्वागत किया। बच्चों को निःशुल्क गणवेश, स्कूल बैग और अन्य शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई। इस आत्मीय स्वागत ने बच्चों में विद्यालय के प्रति उत्साह और आत्मविश्वास का नया संचार किया।
37 बंद विद्यालयों के खुलने से गांवों में लौटी शिक्षा
शाला प्रवेशोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण आकर्षण जिले के 37 बंद विद्यालयों का पुनः संचालन रहा। लंबे समय से शिक्षा से वंचित रहे दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को अब पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही, जो बच्चे बीच में पढ़ाई छोड़ चुके थे, उन्हें भी दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का रास्ता खुल गया है। यह कदम ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षकों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले विद्यार्थियों और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान ने विद्यार्थियों और शिक्षकों दोनों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया तथा शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल को और मजबूत बनाया।
‘शिक्षा ही विकसित समाज की सबसे मजबूत नींव’
सांसद महेश कश्यप ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और शिक्षकों से पूरी निष्ठा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का आग्रह किया।
हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाना है। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने विशेष रूप से बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए सभी अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की। प्रशासन का मानना है कि शिक्षा के माध्यम से ही क्षेत्र का समग्र विकास संभव है।
दूरस्थ क्षेत्रों में बदल रही शिक्षा की तस्वीर
शाला प्रवेशोत्सव और 37 विद्यालयों के पुनः संचालन से यह स्पष्ट होता है कि शासन की शिक्षा संबंधी योजनाएं अब दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंच रही हैं। यह पहल केवल स्कूल खोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
