Chhattisgarh News: कबीरधाम से शुरू हुई वीबी-जी राम जी योजना, अब ग्रामीण परिवारों को मिलेंगे 125 दिन रोजगार और ₹300 प्रतिदिन मजदूरी

छत्तीसगढ़
Spread the love

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में ग्रामीण रोजगार और आजीविका को नई मजबूती देने वाली विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ गुरुवार को कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान आंध्र प्रदेश के तिरुपति से वर्चुअल माध्यम से जुड़े।

125 दिन रोजगार और बढ़ी हुई मजदूरी का लाभ

नई योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 100 की जगह 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। इसके साथ ही अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये कर दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर बनाकर विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में बड़ा कदम है।

318 प्रकार के विकास कार्य होंगे शामिल

वीबी-जी राम जी योजना के तहत 318 प्रकार के विकास कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य प्रमुख हैं। योजना के तहत चेकडैम, डबरी, वर्षा जल संचयन, ग्रामीण सड़कें, नहर लाइनिंग, शेड निर्माण, सामुदायिक पशु शेड, सोलर स्ट्रीट लाइट, कोल्ड स्टोरेज, कृषि प्रसंस्करण केंद्र, हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।

गंडईखुर्द बना योजना का पहला लाभार्थी गांव

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गंडईखुर्द ग्राम पंचायत में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति देकर इसे वीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रदेश का पहला स्वीकृत विकास कार्य घोषित किया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रत्येक पंचायत की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

जॉब कार्ड की जगह मिलेगा जीआरजी कार्ड

सरकार ने योजना के तहत पारदर्शिता और डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देते हुए जॉब कार्ड की जगह जीआरजी (GRG) कार्ड जारी करने की घोषणा की है। इसके साथ ही पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के आधार पर अपनी विकास कार्ययोजना तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि योजनाओं का लाभ गांवों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

मानव श्रृंखला और पौधरोपण से दिया विकास का संदेश

योजना के शुभारंभ के अवसर पर उपमुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनाकर ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन का संदेश दिया। इसके साथ ही “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृहद स्तर पर पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति

सरकार का मानना है कि वीबी-जी राम जी योजना ग्रामीण रोजगार, अधोसंरचना विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को नई दिशा देगी। रोजगार के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को बढ़ावा मिलने से गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के लक्ष्य को गति मिलेगी।