Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ में अवैध खनन पर सरकार की बड़ी कार्रवाई: कई जिलों में ताबड़तोड़ छापे, वाहन जब्त और लाखों का जुर्माना

छत्तीसगढ़
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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर खनिज विभाग ने विभिन्न जिलों में संयुक्त अभियान चलाते हुए अवैध गतिविधियों में शामिल वाहनों को जब्त किया है और संबंधित लोगों पर लाखों रुपये का अर्थदंड लगाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के खनिज संसाधनों की सुरक्षा के लिए जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

राजनांदगांव में 52 मामलों में कार्रवाई, लगभग 19 लाख रुपये का जुर्माना

राजनांदगांव जिले में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान अब तक अवैध रेत उत्खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़े 52 मामलों में कार्रवाई की गई है। इन मामलों में 18.95 लाख रुपये से अधिक का अर्थदंड वसूला गया। इनमें अवैध उत्खनन के 9, परिवहन के 41 और भंडारण के 2 मामले शामिल हैं। वहीं, डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम आसरा में निरीक्षण के दौरान नदी में रेत उत्खनन प्रतिबंधित पाया गया और मौके पर कोई अवैध गतिविधि नहीं मिली।

बालोद में अवैध पत्थर खनन पर मशीन जब्त

बालोद जिले के ग्राम कसही में अवैध पत्थर उत्खनन करते पाए जाने पर खनिज विभाग ने एक चेन माउंटेन (पीसी-130-7) मशीन को जब्त कर सील कर दिया। जांच के दौरान संबंधित पक्ष वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।

बलरामपुर और सरगुजा में भी सख्त कार्रवाई

बलरामपुर जिले में राजपुर क्षेत्र के नरसिंहपुर और बसंतपुर में अवैध रेत परिवहन में इस्तेमाल हो रहे एक टिपर को जब्त किया गया। इसके अलावा, बसंतपुर स्थित एक फ्लाई ऐश ब्रिक्स इकाई से करीब 90 घनमीटर अवैध रेत भी जब्त कर संचालक को नोटिस जारी किया गया।

वहीं, सरगुजा जिले में शिकायतों के आधार पर की गई कार्रवाई में अवैध मिट्टी, मुरूम, रेत और गिट्टी के उत्खनन एवं परिवहन में उपयोग किए जा रहे जेसीबी, ट्रैक्टर और टिपर सहित छह वाहनों को जब्त किया गया। सभी मामलों में संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा रही है।

नए नियमों के तहत बढ़ा जुर्माना

खनिज विभाग ने बताया कि संशोधित छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के तहत अब अवैध खनन के मामलों में न्यूनतम 25 हजार रुपये या 2 हजार रुपये प्रति टन (जो अधिक हो) के आधार पर शमन शुल्क वसूला जाएगा। इसके अतिरिक्त अवैध रूप से निकाले गए खनिज का बाजार मूल्य भी संबंधित पक्ष से वसूला जाएगा।

अभियान आगे भी रहेगा जारी

खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार प्रदेशभर में अवैध खनिज गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमित गश्त, आकस्मिक निरीक्षण और संयुक्त प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेंगे। सरकार का उद्देश्य खनिज संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित करना और अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करना है।