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Noida School News: एयर कंडीशनर के लिए हर महीने ₹500 अतिरिक्त फीस, पैरेंट्स का विरोध

NOIDA
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Noida School News: नोएडा के सेक्टर-21 स्थित बाल भारती पब्लिक स्कूल में 1 जुलाई से लागू किए गए नए एयर-कंडीशनिंग (AC) शुल्क को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्कूल ने एयर-कंडीशंड कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों से 500 रुपये प्रति माह अतिरिक्त शुल्क लेने का फैसला किया है। इस निर्णय के बाद कई अभिभावकों ने इसका विरोध करते हुए इसे जिला शुल्क नियामक समिति (DFRC) के नियमों के खिलाफ बताया है।

किन छात्रों से लिया जाएगा AC शुल्क?

स्कूल द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार यह शुल्क उन छात्रों पर लागू होगा जो एयर-कंडीशंड कक्षाओं में पढ़ते हैं। इनमें—

  • बाल वाटिका (Bal Vatika)
  • कक्षा 8 से 12 की चयनित कक्षाएं

शामिल हैं।

स्कूल का कहना है कि यह राशि एयर-कंडीशनर की स्थापना, बिजली, रखरखाव और मरम्मत जैसे खर्चों को पूरा करने के लिए ली जा रही है।

15 जुलाई से होने वाली पढ़ाई पर लागू व्यवस्था

स्कूल के अनुसार, एयर-कंडीशनिंग सुविधा से जुड़े खर्चों को देखते हुए यह अतिरिक्त शुल्क लागू किया गया है। अभिभावकों का कहना है कि यह शुल्क शैक्षणिक सत्र के बीच में लागू किया गया है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।

स्कूल ने हाईकोर्ट के फैसले का दिया हवाला

अपने नोटिस में स्कूल ने कहा है कि यह निर्णय मई 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा Manish Goel बनाम दिल्ली सरकार एवं अन्य मामले में दिए गए फैसले के अनुरूप है।

उस मामले में अदालत ने एयर-कंडीशनिंग सुविधा के लिए लिए जाने वाले शुल्क को चुनौती देने वाली याचिका खारिज करते हुए कहा था कि ऐसी अतिरिक्त सुविधाओं का खर्च अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन के बीच साझा किया जा सकता है। हालांकि, यह फैसला उस विशेष मामले की परिस्थितियों पर आधारित था।

अभिभावकों ने जताई नाराजगी

अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल इसी शैक्षणिक सत्र में पहले ही फीस में लगभग 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर चुका है। ऐसे में बीच सत्र में 500 रुपये प्रति माह का नया शुल्क लगाना अनुचित है।

एक अभिभावक ने कहा कि वर्तमान में वे करीब 11,700 रुपये मासिक फीस दे रहे हैं। ऐसे में नया शुल्क सालाना लगभग 6,000 रुपये का अतिरिक्त बोझ डाल देगा, जबकि एयर-कंडीशनर का उपयोग पूरे वर्ष नहीं बल्कि मुख्य रूप से गर्मियों में ही होता है।

कुछ अभिभावकों का दावा है कि एक कक्षा में औसतन 40 विद्यार्थी हैं। ऐसे में प्रत्येक एयर-कंडीशंड कक्षा से स्कूल को लगभग 20,000 रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त प्राप्त होंगे।

ट्रांसपोर्ट शुल्क बढ़ने के भी संकेत

स्कूल के सर्कुलर में यह भी उल्लेख किया गया है कि फिलहाल परिवहन शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन सीएनजी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए भविष्य में इसमें 100 रुपये प्रति माह तक की वृद्धि की जा सकती है।

स्कूल के अनुसार ईंधन की बढ़ती लागत के कारण प्रति छात्र परिवहन खर्च पहले ही बढ़ चुका है।

जिला प्रशासन ने जांच के दिए संकेत

गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा है कि DFRC के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी शुल्क वृद्धि या अतिरिक्त शुल्क से संबंधित सभी विवरण नए प्रवेश सत्र से पहले स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

यूनिफॉर्म और स्टेशनरी को लेकर भी शिकायत

कुछ अभिभावकों ने यह भी आरोप लगाया है कि स्कूल उन्हें निर्धारित दुकानों से ही यूनिफॉर्म और स्टेशनरी खरीदने के लिए कहता है। उनका कहना है कि इन दुकानों पर सामान महंगा होने के साथ उसकी गुणवत्ता भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।

ANSPA ने दी आंदोलन की चेतावनी

इस पूरे मामले पर ऑल नोएडा स्कूल पेरेंट्स एसोसिएशन (ANSPA) ने भी कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन के महासचिव के. अरुणाचलम ने कहा कि बाल भारती स्कूल द्वारा छात्रों से 500 रुपये प्रति माह AC शुल्क वसूलना DFRC के नियमों के खिलाफ है।

उन्होंने स्कूल प्रबंधन से तत्काल इस निर्णय को वापस लेने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि स्कूल ने यह फैसला वापस नहीं लिया तो संगठन जिलाधिकारी (DM) से औपचारिक शिकायत करेगा और स्कूल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी शुरू किया जाएगा।

स्कूल की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान

इस पूरे विवाद पर स्कूल प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। समाचार लिखे जाने तक स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों की आपत्तियों या ANSPA की चेतावनी पर कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया था।

फीस बढ़ोतरी पर फिर छिड़ी बहस

इस विवाद ने एक बार फिर निजी स्कूलों में फीस वृद्धि और अतिरिक्त शुल्क वसूली को लेकर बहस तेज कर दी है। अभिभावकों का कहना है कि यदि शैक्षणिक सत्र के बीच बिना नियामकीय अनुमति के नए शुल्क लगाए जाते रहे, तो इससे परिवारों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ेगा। वहीं अब सभी की नजर जिला प्रशासन और DFRC की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।