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Bihar News: सहकारिता सप्ताह 2026: नई सहकारी नीति से मजबूत होंगे PACS, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

बिहार
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Bihar News: बिहार में सहकारिता सप्ताह 2026 की शुरुआत “नवीन राष्ट्रीय सहकारी नीति के माध्यम से PACS एवं जमीनी स्तर की सहकारी संस्थाओं का सशक्तिकरण” विषय पर आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के साथ हुई। पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि नई सहकारी नीति ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी और विकसित बिहार की मजबूत आधारशिला बनेगी।

कार्यक्रम का आयोजन बिहार सरकार के सहकारिता विभाग और भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

10 सहकारी समितियों को मिली BBSSL की सदस्यता

कार्यक्रम के दौरान सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने राज्य की 10 सहकारी समितियों को भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL) की सदस्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए पिछले पांच वर्षों में सहकारिता क्षेत्र में कई ऐतिहासिक सुधार हुए हैं। राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस, PACS कंप्यूटरीकरण, कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र, प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और डिजिटल बैंकिंग जैसी पहलों से किसानों तक सेवाओं की पहुंच पहले से अधिक प्रभावी हुई है।

PACS को बहुउद्देशीय संस्थाओं के रूप में विकसित करने पर जोर

सहकारिता मंत्री ने कहा कि अब प्राथमिक कृषि साख समितियां (PACS) केवल धान-गेहूं की खरीद और ऋण वितरण तक सीमित नहीं रह सकतीं। उन्हें उत्पादन, भंडारण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, विपणन, मूल्य संवर्धन और निर्यात जैसी पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने खेती में विविधीकरण और बहुउद्देशीय PACS की अवधारणा को ग्रामीण विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।

युवाओं को ‘जॉब सीकर’ नहीं, ‘जॉब क्रिएटर’ बनाएगी सहकारिता

राम कृपाल यादव ने युवाओं से सहकारिता आंदोलन से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक, डिजिटलीकरण, पारदर्शिता और नवाचार के माध्यम से सहकारी संस्थाओं को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सहकारिता युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाएगी।

बिहार में 7,157 समितियां BBSSL से जुड़ीं

मंत्री ने बताया कि भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड किसानों को गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय स्तर पर बीज उत्पादन और विपणन व्यवस्था को मजबूत कर रही है।

उन्होंने जानकारी दी कि बिहार की 7,157 सहकारी समितियां BBSSL की सदस्य बन चुकी हैं, जिससे राज्य में “बीज से बाजार” तक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला विकसित हो रही है।

राज्य में तेजी से हो रहा PACS का आधुनिकीकरण

कार्यक्रम में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि बिहार सरकार सहकारिता क्षेत्र को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार नवाचार आधारित पहल कर रही है।

उन्होंने बताया कि—

  • राज्य के सभी 8,463 PACS मॉडल उपविधि अपनाकर बहुउद्देशीय संस्थाओं के रूप में कार्य कर रहे हैं।
  • पहले चरण में 4,477 PACS का कंप्यूटरीकरण पूरा हो चुका है।
  • 6,381 PACS में कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए गए हैं।
  • 1,726 PACS प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र के रूप में विकसित किए गए हैं।
  • 32 PACS में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं।
  • 2,430 PACS को उर्वरक लाइसेंस प्रदान किए गए हैं।
  • 100 PACS आधारित किसान उत्पादक संगठन (FPO) स्थापित किए जा चुके हैं।

डेयरी सहकारिता और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

राज्य में अब तक 13,370 डेयरी सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है। सात निश्चय-3 के तहत प्रत्येक गांव तक डेयरी सहकारिता का विस्तार किया जा रहा है।

वर्तमान में बिहार की 27,388 सहकारी समितियों से लगभग 1.60 करोड़ किसान जुड़े हुए हैं। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में 5 करोड़ लोगों, विशेष रूप से महिलाओं, को सहकारिता आंदोलन से जोड़ना है।

सहकारिता सप्ताह के दौरान होंगे जागरूकता कार्यक्रम

कार्यक्रम के दौरान BBSSL के विशेषज्ञों ने सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों को गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन, विपणन और नई सहकारी पहलों पर प्रशिक्षण दिया।

सहकारिता विभाग ने बताया कि अगले सात दिनों तक राज्य के विभिन्न जिलों में सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।