Delhi News: नई दिल्ली, 28 जून। लखनऊ में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी के कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि सरकार जल्द ही कोचिंग संस्थानों को विनियमित करने के लिए नया कानून लाएगी, ताकि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता न हो।
एक महीने में सुरक्षा मानक पूरे करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी कोचिंग संस्थानों को एक महीने के भीतर अग्नि सुरक्षा सहित सभी अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि तय समयसीमा के बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग सेंटरों को तत्काल सील किया जाएगा।
संयुक्त निरीक्षण अभियान होगा तेज
सरकार ने राजधानी के प्रमुख कोचिंग हब में व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू करने का फैसला किया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), नगर निगम (एमसीडी), दिल्ली फायर सर्विस (डीएफएस) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) संयुक्त रूप से सुरक्षा मानकों, भवन नियमों और अग्निशमन व्यवस्था की जांच करेंगे।
छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का उद्देश्य कोचिंग सेंटर बंद करना नहीं, बल्कि छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना है। उन्होंने अभिभावकों और छात्रों से भी अपील की कि यदि किसी संस्थान में सुरक्षा संबंधी खामियां दिखें तो इसकी जानकारी प्रशासन को दें।
नए कानून से तय होगी जवाबदेही
प्रस्तावित कानून के तहत कोचिंग संस्थानों के संचालन, सुरक्षा मानकों और जवाबदेही के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि कानून लागू होने के बाद सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
