Bihar News: PMCH विवाद में नया मोड़, सरकारी अंगरक्षक ने खोले अहम राज

बिहार
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Bihar News: पटना, 27 जून: पीएमसीएच के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह से जुड़े विवाद में नया मोड़ आ गया है। उनके साथ प्रतिनियुक्त सरकारी अंगरक्षक ने दावा किया है कि 23 जून को, जिस दिन स्वास्थ्य मंत्री का पीएमसीएच में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम था, उस दिन डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह सुबह से शाम तक अपने निजी क्लीनिक में मरीजों का इलाज कर रहे थे और कहीं बाहर नहीं गए।

सरकारी अंगरक्षक ने दी पूरी जानकारी

सरकारी अंगरक्षक संजीत कुमार (सिपाही संख्या-2317) ने बताया कि वह रोजाना की तरह 23 जून की सुबह 9:30 बजे डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह के आवास सह क्लीनिक पर ड्यूटी के लिए पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि डॉक्टर सुबह करीब 11 बजे क्लीनिक में आए और मरीजों को देखना शुरू किया।

शाम तक लगातार देखते रहे मरीज

अंगरक्षक के अनुसार डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह ने सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक लगातार मरीजों का इलाज किया। इस दौरान करीब 15 से 20 मरीज परामर्श के लिए क्लीनिक पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टर पूरे समय क्लीनिक में ही मौजूद रहे।

‘कहीं बाहर नहीं गए डॉक्टर’

संजीत कुमार ने स्पष्ट कहा कि सुबह 9:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक, जब वह ड्यूटी से अनुमति लेकर निकले, तब तक डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह क्लीनिक से बाहर नहीं गए। उनके मुताबिक डॉक्टर पूरे समय अपने कार्य में व्यस्त रहे।

स्वास्थ्य विभाग पहले ही करा चुका है जांच के आदेश

गौरतलब है कि डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह के मीडिया में दिए गए बयान के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए थे। अब सरकारी अंगरक्षक के बयान को भी जांच का हिस्सा माना जा रहा है।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की जांच के बाद डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह का पक्ष भी लिया जाएगा। उपलब्ध तथ्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी