Traffic Challan: अगर आपकी गाड़ी का ट्रैफिक चालान कट गया है और आप लोक अदालत की लंबी लाइनों, टोकन की परेशानी और घंटों इंतजार से बचना चाहते हैं, तो आपके लिए इवनिंग कोर्ट (Evening Court) एक बेहतर विकल्प हो सकता है। यहां आप बिना ज्यादा भीड़-भाड़ के अपने लंबित चालान का निपटारा कर सकते हैं।
समय पर चालान भरना क्यों है जरूरी?
ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होने पर कटे चालान को समय पर जमा करना जरूरी होता है। अगर चालान लंबे समय तक लंबित रहता है तो उस पर अतिरिक्त जुर्माना लग सकता है और मामला अदालत तक पहुंच सकता है। ऐसे में वाहन मालिक को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इसी वजह से कई लोग लोक अदालत का इंतजार करते हैं, जहां कई मामलों में जुर्माने में राहत मिल जाती है। लेकिन वहां भारी भीड़ और सीमित टोकन के कारण लोगों को काफी मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं।
क्या है इवनिंग कोर्ट?
इवनिंग कोर्ट एक विशेष अदालत है जो नियमित अदालतों के कामकाज के बाद संचालित होती है। यहां ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों की सुनवाई की जाती है और वाहन मालिक अपने लंबित चालान का निपटारा कर सकते हैं।
दिल्ली में इवनिंग कोर्ट आमतौर पर शाम 5 बजे से 7 बजे के बीच संचालित होती है।
इवनिंग कोर्ट में कैसे करें आवेदन?
अगर आप दिल्ली में रहते हैं तो निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाकर इवनिंग कोर्ट की अपॉइंटमेंट ले सकते हैं:
स्टेप 1
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
स्टेप 2
“Online Appointment for Evening Court” विकल्प पर क्लिक करें।
स्टेप 3
अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।
स्टेप 4
स्क्रीन पर आपके सभी लंबित चालान दिखाई देंगे।
स्टेप 5
अपनी सुविधा के अनुसार:
- कोर्ट का चयन करें
- तारीख चुनें
- समय स्लॉट चुनें
स्टेप 6
प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको एक टोकन या अपॉइंटमेंट स्लिप मिलेगी।
स्टेप 7
टोकन का प्रिंटआउट लेकर निर्धारित समय पर कोर्ट पहुंच जाएं।
OTP के लिए यह बात जरूर ध्यान रखें
इवनिंग कोर्ट की ऑनलाइन बुकिंग के दौरान OTP उसी मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है जो आपकी गाड़ी के RC रिकॉर्ड से जुड़ा होता है।
यदि मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है तो पहले वाहन रिकॉर्ड में उसे अपडेट कराना जरूरी होगा।
किन मामलों में फायदेमंद है इवनिंग कोर्ट?
इवनिंग कोर्ट खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है:
- जिनकी गाड़ी पर लंबित चालान हैं
- जो वाहन बेचने से पहले दस्तावेज क्लियर करना चाहते हैं
- जो लोक अदालत की भीड़ से बचना चाहते हैं
- जिन्हें कामकाजी समय में कोर्ट जाना संभव नहीं होता
फर्जी वेबसाइटों से रहें सावधान
विशेषज्ञों का कहना है कि चालान में भारी छूट दिलाने या चालान माफ कराने का दावा करने वाली किसी भी अनधिकृत वेबसाइट या ऐप पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
ऐसे प्लेटफॉर्म आपको धोखाधड़ी का शिकार बना सकते हैं। हमेशा सरकारी और आधिकारिक पोर्टल का ही उपयोग करें।
